उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 9 साल पूरे होने पर उच्च शिक्षा और जिले के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय बुधवार को कानपुर पहुंचे। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। धुरंधर-2 में अतीक अहमद के कैरेक्टर पर सपा और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर मंत्री ने कहा- अतीक तो संत था न उसको गलत दिखा दिया गया। क्या अतीक संत था ? जिस आदमी ने एक होमगार्ड की खाल छिलकर सड़क पर फेंका और कप्तान को फोन करके कहा कि तुम्हारा आदमी पड़ा है उठा ले जाओ। वह अगर संत है आप ठीक हैं। क्या भारतीय जनता पार्टी के शासन में उसको रिलैक्शेसन मिला, भारतीय जनता पार्टी के शासन में जेल मिली। इसके बाद मंत्री से उंगली से ऊपर की ओर इशारा किया। गैस संकट बोले पैनिक न क्रिएट करें शहर में चल रहे गैस संकट और एजेंसी के बाहर लग रही लाइनों पर मंत्री बोले हम लोगों को पैनिक क्रिएट नहीं करना चाहिए। यह विश्व का दिया हुआ संकट है। आप कल्पना करिए जरा इजराइल जैसा देश, जो बीते चार साल से युद्ध कर रहा यूक्रेन व रशिया के नागरिक क्या पैनिक हो रहे हैं। अपनी सरकारों के प्रति। सिलेंडर की परेशानी दूर हो रही है। अकेला मेरा मोदी हर एक से बात भी कर रहा है हर एक मामले शांत हों। कालाबाजारी करने वाला देश के प्रति गद्दारी कर रहा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यदि कोई गैस की कालाबाजारी कर रहा है तो वह पाप कर रहा। देश के प्रति गद्दारी कर रहा है। शासन इसके प्रति बहुत गंभीर है। घरेलू सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वह बंट रही है। गैस न मिलने के विकल्प पर मंत्री बोले कि बहुत दिनों के बाद कैरोसिन भी बंट रहा है। गैस संकट पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव के पास कोई मुद्दा नहीं है। न ही उनकी राष्ट्रीय विचारधारा है। जो कमियां हैं वह ठीक हो जाएंगी शहर में बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल और खराब सड़कों के सवाल पर मंत्री बोले कि गिलास खाली था बिल्कुल, आधा भर गया है। पहले से बेहतर स्थिति हुई है। जो कमियां हैं वह ठीक हो जाएंगी। जाम के सवाल पर बोले की इसका कारण जनसंख्या व जाम है। जिलाध्यक्ष को बाहर करने का वीडियो वायरल प्रेसवार्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी भाजपा उत्तरी जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित से कुछ कहते दिख रहे हैं। उसके बाद वह कार्यकर्ताओं के साथ वहां से चले गए। हालांकि कुछ देर बाद वह वापस लौट आए और बैठक में शामिल हो गए। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि तहसीलदार की बात का बुरा मानने पर वह बाहर चले गए। मामले में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि सरकार के नौ साल का कार्यकाल पूरे होने की बैठक थी। इसलिए तहसीलदार ने मुझसे आकर कहा कि यहां पर संगठन के लोगों को नहीं बैठना इसलिए मैं बाहर चला गया था। इसके बाद में डीएम ने कहा कि आप बैठ सकते हैं तब मैं दोबारा कर बैठ गया।

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