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प्रेमिका के सुसाइड के बाद प्रेमी ने दी जान:सूरत में लगाई फांसी, जालौन में जनवरी में शुरू हुआ था अफेयर

जालौन में गर्लफ्रेंड की मौत के बाद बॉयफ्रेंड ने भी जान दे दी। बॉयफ्रेंड के सूरत जाने से वह नाराज थी। इसी के चलते उसने जहर खाकर जान दे दी। इसके बाद लड़की के पिता ने लड़के पर बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया। बॉयफ्रेंड को जब गर्लफ्रेंड की मौत का पता चला, तो उसने सूरत में फंदे पर लटक कर सुसाइड कर लिया। मामला मंगलवार का कुठौंद थाना क्षेत्र का है। लड़की BA फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। जबकि लड़का होटल में वेटर की नौकरी करता था। अब पढ़िए पूरा मामला… कुतुलूपुर गांव में महेश दोहरे अपने तीन बेटों के साथ रहते हैं। उनका पूरा परिवार किसानी करता है। उनके सबसे छोटे बेटे निशू (20) की जनवरी में गांव के ही सुनील (45) की बेटी प्रीति (20) से मुलाकात हुई। दोनों में अफेयर शुरू हो गया। फरवरी में निशू सूरत चला गया। वहां एक होटल में वेटर का काम करने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि निशू के सूरत जाने से प्रीति नाराज थी। इस बात से आहत होकर उसने मंगलवार को जहर खा लिया। परिजन उसे तुरंत हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता बोले- बेटी को न्याय मिलना चाहिए
प्रीति के पिता सुनील ने आरोप लगाया- बेटी को एक लड़का परेशान करता था। हमको भी धमकाता था। घर पर आकर भी परेशान करता था। लगभग 3 महीने से वह हमें परेशान कर रहा था। वह मेरी बेटी से कहता था कि मुझसे शादी कर लो। हमने उसके घरवालों से कहा तो उन्होंने कहा कि हम तुम्हें मार डालेंगे। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए। प्रीति की मौत का पता जब निशू को चला तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका। बुधवार को वह फंदे पर लटक गया। सूचना पर कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध और उनके वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ.दुर्गेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई सामने लाई जाएगी। —————— यह खबर भी पढ़ें लखनऊ में हर रोज 10 हजार सिलेंडरों की अतिरिक्त डिलीवरी:LPG किल्लत की अफवाह से बढ़ी बुकिंग, एजेंसियों के बाहर लंबी कतार लखनऊ में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी है। केंद्र सरकार की कमर्शियल सिलेंडरों पर कंडीशनल रोक, 25 दिन की बुकिंग व्यवस्था और अचानक बढ़ी मांग ने सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया है। 5 मार्च के बाद लागू हुए नए दिशा-निर्देशों ने राजधानी में गैस वितरण व्यवस्था को प्रभावित किया है। कमर्शियल सिलेंडरों के उपयोग और आवंटन पर सख्ती के चलते होटल, ढाबे और छोटे कारोबारियों की निर्भरता घरेलू सिलेंडरों पर बढ़ी, जिससे डिमांड में तेजी आई। पढ़िए पूरी खबर…

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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