गोरखपुर में कल यानी गुरुवार की शाम आकाश में एक खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। जिसमे चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह एक-दूसरे के बहुत पास नजर आएंगे। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार यह नजारा आम लोगों के लिए भी आसानी से देखा जा सकेगा और इसके लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होगी। खगोलविद के अनुसार जब आकाश में दो खगोलीय पिंड एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं, तो इसे युति कहा जाता है। यह केवल देखने का असर होता है, असल में दोनों के बीच बहुत ज्यादा दूरी होती है। चंद्रमा पृथ्वी के काफी पास है, जबकि बृहस्पति बहुत दूर है, लेकिन देखने में दोनों पास लगते हैं।
कब और कैसे देखें?
यह नजारा 26 मार्च को सूर्यास्त के बाद दिखाई देना शुरू होगा। शाम करीब 8:30 बजे से 9:30 बजे के बीच इसका सबसे अच्छा दृश्य मिलेगा। इस समय आकाश में दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर देखने पर चंद्रमा के पास एक तेज चमकता बिंदु दिखेगा, वही बृहस्पति होगा। इस खास बात यह है कि इसे बिना दूरबीन के भी आसानी से देखा जा सकता है। बृहस्पति एक चमकीले तारे जैसा दिखेगा, लेकिन वह टिमटिमाएगा नहीं। चंद्रमा उसके बिल्कुल पास नजर आएगा, जिससे इसे पहचानना आसान होगा। दूरबीन से दिखेंगे चार चंद्रमा
अगर किसी के पास दूरबीन या बिनाकुलर है, तो वह इस नजारे को और अच्छे से देख सकता है। बृहस्पति के चार बड़े चंद्रमा- आईओ, यूरोपा, गैनिमीड और कैलिस्टो भी दिखाई दे सकते हैं। यह घटना मिथुन तारामंडल के पास दिखाई देगी। बृहस्पति एक स्थिर और बहुत चमकीला बिंदु होगा, जबकि चंद्रमा उसके पास रहेगा। पास में कैस्टर और पुलक्स तारे भी दिखाई दे सकते हैं, जिससे पहचान और आसान हो जाएगी। कितनी दूरी और चमक रहेगी?
इस दौरान चंद्रमा और बृहस्पति के बीच थोड़ी दूरी रहेगी, लेकिन देखने में दोनों करीब लगेंगे। चंद्रमा इस समय आधे से ज्यादा हिस्सा रोशन रहेगा और बृहस्पति भी काफी तेज चमकेगा। यह नजारा सूर्यास्त के बाद से लेकर रात करीब 12 बजे तक देखा जा सकेगा। इसके बाद दोनों धीरे-धीरे नीचे की ओर चले जाएंगे और नजर आना कम हो जाएगा। बेहतर तरीके से देखने के लिए क्या करें?
खगोलविद ने बताया कि इस नजारे को देखने के लिए खुले स्थान पर जाएं, जैसे छत या मैदान। शहर की ज्यादा रोशनी से दूर रहेंगे तो दृश्य और साफ दिखाई देगा। अगर मौसम साफ रहा तो यह नजारा बेहद शानदार लगेगा।

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