हरियाणा के पानीपत में गोलगप्पे बेचने वाले 17 साल के अश्वनी के मर्डर केस में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान डाबर कॉलोनी निवासी केशव व राजेश के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सगे भाई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हनुमान कॉलोनी निवासी फरार अपने साथी आरोपी गौरव के साथ मिलकर किशोर की हत्या करने के बारे में स्वीकार किया। CIA-2 प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया वह और फरार उनका साथी आरोपी गौरव नशा करने के आदी है। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो उन तीनों ने मिलकर मोबाइल फोन छीनने की साजिश रची। तीनों शनिवार शाम को कुटानी रोड पर गंदा नाला के पास एक गोल गप्पे की रेहड़ी पर गए। गोल गप्पे खाते समय गौरव ने रेहड़ी वाले की जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। रेहड़ी वाले ने मोबाइल छीनने का विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर चाकू से वार कर दिए और मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से फरार इनके साथी आरोपी गौरव के ठिकानों का पता लगा काबू करने व वारदात में प्रयुक्त चाकू व छीना मोबाइल फोन बरामद करने का प्रयास करेगी। मृतक के जीजा ने दी थी पुलिस को शिकायत किला थाना पुलिस को दी शिकायत में नंदकिशोर ने बताया था कि वह मूलरूप से यूपी के जालौन जिले के गांव रायपुर का रहने वाला है और हाल में पानीपत में बबैल रोड पर भारत नगर में किराए पर कमरा लेकर रहता है। वह गोल गप्पे की रेहड़ी लगाता है। उसका साला अश्वनी (17) मूलरूप से यूपी के कानपुर जिले के गांव दौलतपुर का रहने वाला है। वह हाल में कुटानी रोड़ पर जगदीश नगर में परिवार सहित रहता था। वह भी गोल गप्पे की रेहड़ी लगाता था। शनिवार शाम को उसे सूचना मिली कि अश्विनी को किसी ने चाकू मार दिया है। जिसको इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। सूचना पर वह अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर ने अश्वनी की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर किया था। वह अश्वनी को इलाज के लिए रोहतक पीजीआई लेकर जा रहे थे उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस बोली- फरार आरोपी जल्द गिरफ्त में होगा डाबर कॉलोनी के रहने वाले केशव और राजेश को इस केस में गिरफ्तार किया गया है। दोनों सगे भाई हैं। इनके आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। इन पर पहले बिजलीकर्मी का सिर फोड़ने का मुकदमा दर्ज है। जो फरवरी महीने में चांदनीबाग थाना में दर्ज हुआ था। पुलिस ने कहा कि इनकी निशानदेही पर मोबाइल फोन बरामद किया जाएगा। साथ ही तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। अश्विनी तड़पता रहा, वीडियो बनाते रहे लोग पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मृतक अश्विनी का शव परिजनों को सौंप दिया। अश्विनी के जीजा नंदकिशोर ने बताया कि उसके साले की जान बच सकती थी, अगर उसे समय रहते इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता, लेकिन उन्हें मिली 12 सेकेंड की वीडियो के अनुसार राहगीर अश्विनी को अस्पताल पहुंचाने की बजाय उसकी वीडियो बनाते रहे।

Leave a Reply