सुल्तानपुर के कटका क्षेत्र में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया। इस कथा में श्रीधाम अयोध्या से पधारीं कथा प्रवाचिका साध्वी माँ सीता देवी ने प्रवचन दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। साध्वी सीता देवी ने अपने प्रवचन में कहा कि संपूर्ण सृष्टि महामाया के प्रभाव में है और प्रत्येक जीव मोहपाश में जकड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि केवल माँ महामाया की कृपा से ही जीव इस बंधन से मुक्त हो सकता है। कथा का व्यास पूजन कटका ग्राम निवासी और कटका क्लब के संरक्षक राजकुमार मिश्र ने विधिवत संपन्न कराया। कथा के दौरान साध्वी ने महाराज जन्मेजय और सुमेधा मुनि के संवाद का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शरणागत व्यक्ति के दुखों का निवारण ज्ञान और भक्ति से संभव है। साध्वी ने महामाया के स्वरूप, उनके ज्ञान और सती के चरित्र का भी वर्णन किया। उन्होंने देवराज इंद्र की पत्नी महारानी शची और दैत्यराज नहुष के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि गुरु बृहस्पति ने अपनी युक्ति से संकट का निवारण किया, जिससे नहुष का पतन हुआ। सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए साध्वी सीता देवी ने कहा, “गो माता रक्षति धर्मः, धर्मः रक्षति गोमातरम्।” इसका अर्थ है कि गोमाता की रक्षा करने से धर्म सुरक्षित रहता है और धर्म की रक्षा से गोमाता की रक्षा होती है। आरती के दौरान कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र, प्रधान मिंटू सिंह, शिवप्रसाद मिश्र, राजकुमारी, प्रियंका, प्रधानाचार्य आरती पाण्डेय और शीतला प्रसाद पांडेय सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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