प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज ढहने के मामले में गिरफ्तार उसके मालिक और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान पेशी के दौरान हंसते-मुस्कुराते नजर आए। सपा नेता के समर्थन में अस्पताल से लेकर कोर्ट तक भारी भीड़ जुटी रही। कोर्ट से बाहर निकलते समय वह समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन करते दिखे। दरअसल, फाफामऊ स्थित उनके आदर्श कोल्ड स्टोरेज की इमारत 23 मार्च को दोपहर करीब डेढ़ बजे धमाके के बाद ढह गई थी। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हुए। घटना के बाद गिरफ्तार किए गए अंसार अहमद को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पेशी के दौरान मुस्कुराते रहे और लोगों से हाथ मिलाते रहे जिला कोर्ट में मंगलवार को पेश किए गए पूर्व मंत्री अंसार अहमद पूर्व पहलवान के समर्थन में काफी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। कोर्ट में तमाम लोगों से वे हाथ मिलाते हुए दिखे। वह मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन करते हुए आगे बढ़ते रहे। नैनी जेल भेजे गए अंसार अहमद कोल्ड स्टोरेज हादसा में अरेस्ट पूर्व मंत्री अंसार अहमद, मंजूर इलाही, अलाउद्दीन को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिशा मिश्रा की कोर्ट में तीनों आरोपियों को पेश किया गया था। सीजेएम के आदेश के बाद पूर्व मंत्री सहित तीनों आरोपियों को नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया। घायलों का क्या कहना है पढ़िए…. अस्पताल में भर्ती बेटे की मां बोली- बेटे को गांव साथ ले जाउंगी… बिहार के पिपरहा के रहने वाले बलबीर बेली अस्पताल में भर्ती हैं। मां सुलेखा अस्पताल में ही बेटे की तीमारदारी कर रहीं। बेटे की हालत देखकर उनके आंसू थम नहीं रहे। सुलेखा ने बताया- गांव में फोन आया कि जहां बलबीर काम कर रहा था, वहां धमाका हो गया। सब कुछ गिर गया और लोग दब गए। पूरे गांव में खबर फैल गई कि सब मर गए। हमें तुरंत प्रयागराज आने को कहा गया। बेटे की कोई खबर नहीं मिल रही थी। मैं भी किसी तरह पहुंची। यहां आने पर बेटे के जीवित होने की बात पता चली।अब बेटे केा यहां काम नहीं करने दूंगी। अपने साथ गांव वापस लेकर जाउंगी। 20-25 लोग मलबे में दब गए थे… कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले महेश कुमार ने कहा- हम सब काम कर रहे थे। मैं बोरी लेकर जा रहा था, तभी अचानक कोल्ड स्टोरेज से धीरे-धीरे गैस निकलने लगा। बदबू तेज होने पर सब लोग आलू खराब होने का अनुमान लगा रहे थे। उसी वक्त तेज धमाका हुआ और पूरी बिल्डिंग गिर गई। हमारे ऊपर भी पत्थर गिरा। कुछ देर बाद जब उठा तो कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। चारों तरफ शोर मचा था, लोग भाग रहे थे। कपड़े से मुंह और आंखें पोंछीं, फिर हम भी टटोलते हुए बाहर की ओर निकले। जो लोग सो रहे थे, करीब 20-25 लोग मलबे में दब गए थे। हमारे गांव के कई लोग, जो सहरसा (बिहार) से यहां काम करने आए थे, वे भी वहां मौजूद थे। शिव नंदन ने बताया- मेरे भाई राहुल की आवाज गायब शिव नंदन ने बताया- मैं दो नंबर में था। मेरा भाई राहुल एक नंबर में काम कर रहा था। वहीं, पूरा मलबा गिर गया। मेरे भाई की राहुल की आवाज गायब है। अमोनिया गैस उसके गले तक चली गई। सांस लेने की वजह से गैस अंदर गई और वह बोल नहीं पा रहा है। अस्पताल में इशारे से बात करता है। घरवाले परेशान हैं कि कहीं आवाज न चली जाए। अब हम काम नहीं करेंगे वापस सहरसा जाएंगे। अंकित कुमार ने कहा- मेरे सिर और पैर पर पत्थर गिरा अंकित कुमार ने बताया- मैं दही-चूड़ा खा रहा था, तभी तेज आवाज के साथ छत गिर गई। सब लोग चीखते हुए भागने लगे। मेरे सिर और पैर पर पत्थर गिर गया, जिससे मैं वहीं गिर पड़ा। चारों तरफ इतनी धूल थी कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। फिर जिधर सब भाग रहे थे, मैं भी उधर घिसटते हुए बढ़ा। किसी ने मेरा हाथ पकड़कर खींचा और कहा- चल, यहां से निकल। मैं सहरसा (बिहार) का रहने वाला हूं, ठेकेदार मुझे यहां लेकर आया था। एक साल पहले आया था। अभी घर वाले भी नहीं पहुंचे हैं। अब गांव वापस चला जाऊंगा। हत्या समेत सात धाराओं में अंसार पर केस कोल्ड स्टोरेज हादसा मामले में फाफामऊ थाने के एसएसआई कम्बोद सिंह वादी हैं। उनकी शिकायत पर कोल्ड स्टोरेज के मालिक और पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत सात लोगों को नामजद किया गया है, जबकि पांच अज्ञात के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। नामजद आरोपियों में मैनेजर उस्मान, मो. असलम उर्फ बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद और मो. इरफान शामिल हैं। इनमें मंजूर, अंसार अहमद का बेटा बताया गया है। एफआईआर में कुल सात धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें प्रमुख धारा हत्या की है। इसके अलावा 7 सीएलए एक्ट सहित अन्य प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। शिकायत में दरोगा ने कहा- मुनाफाखोरी के लिए जानबूझकर क्षमता से अधिक लोडिंग की गई और जरूरत से ज्यादा गैस छोड़ी गई। साथ ही, कोल्ड स्टोरेज को अंदर से लॉक कर यह काम किया गया, जिससे मौत होनी तय थी। ————————– ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत, मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 से अधिक मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। पढ़ें पूरी खबर

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