आगरा राज्य कर विभाग ने सात्विक एन्टरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि फर्म ने बोगस इनवर्ड सप्लायी दिखाकर 26 करोड़ की आईटीसी क्लेम की और आउटवर्ड सप्लायी पर करदेयता का भुगतान नहीं किया। रेकी के दौरान फर्म अपने पते पर भी नहीं मिली है। फर्म स्वामी का मोबाइल नंबर भी बंद है। आईटीसी का अनुचित लाभ उठाने के आरोप में अरीजित सिंह पर एफआईआर कराई गई है। राज्य कर अधिकारी प्रशांत कुमार गौतम ने सात्विक एन्टरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि फर्म ने बोगस इनवर्ड सप्लायी दिखाकर 26 करोड़ की आईटीसी क्लेम की और आउटवर्ड सप्लायी पर करदेयता का भुगतान नहीं किया। फर्म का पता 33/23 वजीरपुरा रोड सिविल लाइंस आगरा है, लेकिन रेकी में फर्म वहां नहीं मिली। फर्म के स्वामी अरीजित सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रशांत कुमार गौतम ने अपनी शिकायत में बताया कि सात्विक एन्टरप्राइजेज ने 10 मार्च 2025 को जीएसटीआईएन नंबर प्राप्त किया था। फर्म ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26.32 करोड़ की आउटवर्ड सप्लायी घोषित की और इतनी ही राशि की आईटीसी क्लेम की। लेकिन जांच में पता चला कि फर्म ने बोगस इनवर्ड सप्लायी दिखाकर आईटीसी क्लेम की है। फर्म के सप्लायर फर्मों के जीएसटीआईएन नंबर सस्पेंड किए जा चुके हैं। फर्म ने आउटवर्ड सप्लायी पर करदेयता का भुगतान नहीं किया, जिससे सरकार को 26.32 करोड़ का नुकसान हुआ है। गोपनीय रेकी में फर्म का पता गलत पाया गया। फर्म के स्वामी अरीजित सिंह का मोबाइल नंबर भी बंद है। इससे साफ है कि फर्म ने सुनियोजित तरीके से आईटीसी का अनुचित लाभ उठाने के लिए यह घोटाला किया है।

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