रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि उनका देश ने एक नए परमाणु हथियार पोसाइडन टॉरपीडो की सफल टेस्टिंग की है। ये टॉरपीडो समुद्र में रेडियोएक्टिव लहरें पैदा करती है, जिससे किनारे के शहर रहने लायक नहीं बचते। इस टॉरपीडो को पनडुब्बी से छोड़ा जाता है। ये आटोमैटिक है और न्यूक्लियर हथियार ले जा सकता है। उन्होंने ये भी बताया कि पोसाइडन की ताकत रूस की सबसे बड़ी मिसाइल सरमत से भी ज्यादा है। पुतिन ने मंगलवार को यूक्रेन युद्ध में घायल सैनिकों से मुलाकात के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुनिया में दूसरा ऐसा कोई हथियार नहीं है। रूस के लिए यह एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पहले उसने 21 अक्टूबर को दुनिया की पहली न्यूक्लियर पावर्ड यानी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज मिसाइल बुरेवस्तनिक-9M739 का सफल परीक्षण किया था। दावा किया गया है कि इस मिसाइल की रेंज अनलिमिटेड है। अमेरिका और नाटो के जवाब में बनाया गया पुतिन का कहना है कि ये हथियार अमेरिका और नाटो के जवाब में बनाए गए हैं। क्योंकि अमेरिका ने पुराने समझौते तोड़कर नाटो पूर्वी यूरोप में विस्तार किया है। पोसाइडन के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम आधिकारिक जानकारी उपलब्ध है। यह एक परमाणु क्षमता वाला एक टॉरपीडो है जो रेडियो समुद्री लहरें पैदा करने में सक्षम है, जिससे तटीय शहर रहने लायक नहीं रहेंगे। पोसाइडन की खास बात यह है कि इसके अंदर अपनी खुद की न्यूक्लियर फ्यूल यूनिट लगी होती है। पुतिन ने 2018 में इसकी घोषणा की थी और कहा था कि यह एक बिल्कुल नए तरह का परमाणु हथियार होगा। पानी के अंदर चलने वाला हथियार है टॉरपीडो टॉरपीडो एक तरह का पानी के अंदर चलने वाला हथियार होता है। यह किसी जहाज या पनडुब्बी को टार्गेट कर के उसके पास जाकर उस पर हमला करता है। इसमें नाविगेशन और होमिंग सिस्टम होते हैं जो आवाज, रडार या सोनार पकड़कर अपना टारगेट तय करते हैं। पोसाइडन के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह परमाणु-वारहेड भी ले जा सकता है।
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