हाथरस में सफाई, प्रकाश और पेयजल व्यवस्था को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जिसमें कई खामियां सामने आईं। अपर जिलाधिकारी और जिलाधिकारी ने भी औचक निरीक्षण कर अधिशासी अधिकारी को इन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बाला पट्टी और मथुरा रोड पर दैनिक सफाई कार्य जारी पाया गया। वहीं, दयानतपुर और बसुन्धरा में ओम प्रकाश स्वच्छता एवं खाद्य निरीक्षक ने नालियों में गंदगी पाई। कंचन नगर, मीतई में पिंकी चौहान की देखरेख में सफाईकर्मियों द्वारा नालियों से सिल्ट निकाली जा रही थी। कलवारी और सादाबाद गेट पर भी नालियों से निकाली गई सिल्ट को सफाई कर्मचारियों द्वारा उठवाया गया। राजेश परिहार ने गंदगी और कूड़े के ढेरों को साफ करवाया। आगरा रोड पर शहीद पार्क के पास पानी की पाइपलाइन में लीकेज मिली, जिससे सड़क किनारे एक बड़ा गड्ढा हो गया था। राखी यादव ने अधिशासी अधिकारी को लीकेज ठीक कराने और गड्ढे को भरवाने के लिए सूचित किया। लाला का नगला और मधुगढी में सीवर के मैनहोल टूटे हुए पाए गए। यहां नालियों के दोनों किनारों पर सिल्ट जमा थी और कई जगहों पर पाइपलाइन टूटी होने के कारण जलभराव हो रहा था। मधुगढी में लोगों द्वारा सड़कों पर कूड़ा फेंकने की शिकायत भी मिली। अधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी, हाथरस को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और टूटी सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए। नयागंज में राजाबाबू ने बताया कि सफाई उपकरण उपलब्ध न होने के कारण कार्य पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। सड़कों पर जानबूझकर लोग डालते हैं कूड़ा… क्षेत्र के निवासियों द्वारा जानबूझकर सड़कों पर कूड़ा डालने की बात भी सामने आई, जिस पर लोगों से चिन्हित स्थानों पर ही कूड़ा डालने का आग्रह किया गया। गोपाल चतुर्वेदी ने इस संबंध में अधिशासी अधिकारी को अवगत कराया। सीयल और किला गेट पर सफाई सुपरवाइजरों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भैंस पालने वाले लोग गोबर को नालियों में बहा रहे थे, जिससे नालियां अवरुद्ध हो रही थीं। अन्य स्थानों पर भी निरीक्षण के बाद सफाई कार्य कराया गया।

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