गोंडा के अयाह में आयोजित भुजवा बाबा मेले में सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा के तहत देर रात 8000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या से पैदल चलकर पहुंचे। इन श्रद्धालुओं ने यहां रात्रि विश्राम किया, जिसके बाद वे आज सुबह 5 बजे बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवीपाटन के लिए रवाना हो गए है। अयाह में श्रद्धालुओं के रुकने, सोने और फलाहार की व्यवस्था स्थानीय लोगों द्वारा की गई थी। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। गोंडा नगर पालिका परिषद और खरगूपुर नगर पंचायत ने पानी के टैंकर भेजकर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। श्रद्धालु 54 किलोमीटर की दूरी तय कर आज देर रात बलरामपुर पहुंचेंगे। वहां वे सिसई स्कूल में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन तुलसीपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। नवरात्रि के अंतिम दिन मां पाटेश्वरी देवी की पूजा-अर्चना के बाद ये सभी श्रद्धालु अपने-अपने घरों को लौटेंगे। यह मेला अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, प्रतापगढ़ सहित कई जिलों के लोगों को आकर्षित करता है। श्रद्धालु अयोध्या के बकचुना गांव में एकत्रित होते हैं और मेला महंत सत्रोहन गुप्ता के नेतृत्व में भुजवा बाबा मेले में शामिल होकर देवीपाटन बलरामपुर के लिए रवाना होते हैं। इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक देखी गई, जिसमें छोटे बच्चों और बुजुर्गों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। ये सभी अब बलरामपुर दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। इटियाथोक थाना अध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि 8000 से अधिक लोग यहां पर पहुंचे थे रात्रि विश्राम किए हैं। अब यहां से देवीपाटन दर्शन करने के लिए निकल चुके हैं नवरात्रि के आखिरी दिन यह लोग दर्शन करेंगे। सैकड़ो वर्ष पुरानी परंपरा चली आ रही है महंत सत्रोहन गुप्ता के पिता पहले इस मेले की यात्रा को लेकर के आते थे उनके निधन के बाद अब उनके बेटा लेकर के आ रहे हैं। इटियाथोक थाना अध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि 8000 से अधिक लोग यहां पर पहुंचे थे रात्रि विश्राम किए हैं अब यहां से देवीपाटन दर्शन करने के लिए निकल चुके हैं नवरात्रि के आखिरी दिन यह लोग दर्शन करेंगे। सैकड़ो वर्ष पुरानी परंपरा चली आ रही है महंत सत्रोहन गुप्ता के पिता पहले इस मेले की यात्रा को लेकर के आते थे उनके निधन के बाद अब उनके बेटा लेकर के आ रहे हैं।

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