संभल में दो दिन की लगातार बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। इससे गेहूं की आधी फसल खराब हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 167 पर पहुंच गया है।
बुधवार सुबह 8 बजे संभल जिले का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले एक महीने की तुलना में 6 डिग्री कम है। सुबह-शाम चल रही ठंडी हवाओं से दोपहिया वाहन चालक और खेतों में काम करने वाले किसान प्रभावित हुए हैं। मौसम में बदलाव के कारण निजी और सरकारी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल के डॉक्टर नीरज शर्मा ने लोगों को बदलते मौसम में हल्के गुनगुने पानी का उपयोग करने और बच्चों को बाहर की चीजों से दूर रखने की सलाह दी है। किसान धर्मपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने छह बीघा में गेहूं बोया था और प्रति बीघा ढाई कुंतल उपज की उम्मीद थी, लेकिन बारिश के कारण अब केवल एक कुंतल गेहूं मिलने की संभावना है। किसान फुरकान ने कहा कि गेहूं, आलू और सरसों के साथ-साथ सब्जियों की फसल को भी नुकसान हुआ है। जिले में आलू की 20% खुदाई और सरसों की 40% कटाई अभी बाकी थी, जिसे बारिश से नुकसान पहुंचा है। खेतों में कटाई के लिए तैयार गेहूं की 50 से 60% फसल भी बारिश के कारण नष्ट हो गई है।
मौसम में सुधार के बाद चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली सभी ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। कोहरे के दिनों में ये ट्रेनें 8 घंटे तक देरी से चल रही थीं। हालांकि, मौसम बदलने के बाद सुबह और शाम को रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम हुई है।

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