शाहजहांपुर में स्वतंत्रता सेनानियों और सरधना में बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त होने पर गहरा आक्रोश है। इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि शाहजहांपुर मुख्यालय के चौराहे पर पिछले 50 वर्षों से शहीद ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और राम प्रसाद बिस्मिल की मूर्तियां स्थापित थीं। आरोप है कि 23 मार्च को शहीदों के बलिदान दिवस पर रात के अंधेरे में इन मूर्तियों को तोड़ दिया गया और उनका मलबा भी हटा दिया गया। इसे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को ठेस पहुंचाने वाला अमानवीय कृत्य बताया गया है। इसके अतिरिक्त, सरधना के भगवानपुर क्षेत्र में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को भी असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त करने का आरोप है। ज्ञापन में इन घटनाओं को समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने और स्वतंत्रता आंदोलन के जनवादी शहीदों के इतिहास को मिटाने की साजिश का हिस्सा बताया गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों घटनाओं में प्रशासन की सुस्ती से जनता में भारी रोष है। मांग की गई है कि शहीदों और बाबा साहेब की मूर्तियों को उनके मूल स्थान पर सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया जाए। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, मूर्तियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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