वाराणसी में गंगा में बोट पर इफ्तार पार्टी करने वाले आरोपियों को जेल भेजवाने वाले अधिवक्ता शंशांक शेखर त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी मिली है।शशांक ने इस संबंध में कैंट थाने में तहरीर दी है। जिसपर पुलिस ने 5-6 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिवक्ता के अनुसार उसे न्यायालय परिसर में जान से मारने की धमकी दी गई है। पहले रजत जायसवाल को दी जान से मरने की धमकी अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया – 10 मार्च को शाम साढ़े 7 बजे मै अपने साथियों के साथ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-9 की अदालत से एक बहस के बाद निकलककर नीचे न्यायालय परिसर में आया। तो वहां 5 से 6 लोग मौजूद थे। वो सभी बता कर रहे थे। ‘इस मुकदमे में जिसने मुकदमा दर्ज कराया है, रजत जायसवाल, उसे मार देना बहुत जरूरी है क्योंकि उसने हमारे लड़कों को जेल भिजवाया है।’ यह सुनकर प्रार्थी द्वारा आपत्ति व्यक्त की गई। इसे भी नहीं छोड़ना है, यही बहस कर रहा शशांक शेखर ने बताया – मैंने इसपर आपत्ति जताई और उनका नाम पता पूछा तो उन्होंने मेरी तरफ इशारा करते हुए कहा – ‘यह वकील भी हमारे लड़कों के खिलाफ अदालत में बहस कर रहा था, इसे भी छोड़ना नहीं है।’ जब मैंने विरोध किया तो वो लोग भीड़ और अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग गए। हम लोगों ने उन्हें ढूंढा पर वो सब वहां नहीं मिले। पुलिस को दी तहरीर, मुकदमा दर्ज शशांक ने बताया – इसके बाद मैंने पुलिस को तहरीर दी है। क्योंकि उक्त मुकदमे में केवल अपने अधिवक्ता धर्म एवं कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पुलिस रिमांड का समर्थन किया था। उक्त मुकदमा हिंदू धर्म की आस्था से संबंधित संवेदनशील प्रकरण था। जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा गंगा में इफ्तार पार्टी करने के संबंध में भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। ऐसी स्थिति में न्यायालय परिसर जैसे सुरक्षित स्थान पर आकर इस प्रकार की जान से मारने की धमकी देना एवं आपराधिक षड् यंत्र रचना, न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। इस संबंध में कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया – अधिवक्ता की तहरीर पर बीएनएस की धारा 351(3) में ५ से 6 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। अब पूरा मामला पढ़िए… काशी में सोमवार (16 मार्च) को गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई थी। इसमें आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी थी। इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा, तो हिंदूवादी संगठनों की नजर पड़ी। वीडियो में चिकन बिरयानी की बात सामने आते ही भाजपा और हिंदूवादी संगठन भड़क गए। भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके 8 घंटे के भीतर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान बिरयानी परोसने वाले सभी युवक मदनपुरा इलाके के ताड़तल्ला के रहने वाले हैं। सभी एक ही खानदान के हैं। बाबू बीड़ी वाले के नाम से मशहूर घराने से कई युवक हैं। इनमें मोहम्मद अव्वल, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद, नूर इस्लाम और मोहम्मद फैजान एक ही घर के रहने वाले हैं। इन सब के साथ एक ही घर के आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, महफूज आलम और नेहाल अफरीदी के अलावा मोहम्मद अहमद, मोहम्मद तौसीफ, आमिर कैफी, मोहम्मद अनस और दानिश सैफी घाट पहुंचे थे। फिर नाव में इफ्तार पार्टी हुई थी। सभी की उम्र 19 से 25 साल के बीच है। कोर्ट में पुलिस ने किया नया खुलासा रोजेदारों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में कहा कि रोजेदारों ने नाविक का अपहरण किया। फिर नाव हाईजैक कर इफ्तार पार्टी की। युवकों ने नाविक को धमकाकर बीच गंगा में नाव चलवाई थी। पार्टी के दौरान भी नाविक ने रोक-टोक की, लेकिन युवकों ने उसकी बात नहीं सुनी। इसके अलावा इस इफ्तार पार्टी के फोटो-वीडियो बनाने का मतलब बनारस ही नहीं, देश-दुनिया को नया संदेश देना था। इससे पहले काशी में ऐस रोजा इफ्तार कभी नहीं किया गया। वीडियो रील के बीच में मस्जिद को दिखाकर फिर गंगा को शूट किया गया। इसके बाद नाव पर सजे दस्तरखान को कई एंगल से शूट किया गया। बिरयानी के अलग से वीडियो बनाए, तो खुद को ताकतवर बताने की बात भी सामने आई है।

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