बदायूं में एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय के सलाहकार की तलाश में पुलिस जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अजय ने खुद दो सहयोगियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया, या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे सलाह दी थी। इस जांच का उद्देश्य वारदात में शामिल अन्य लोगों को भी बेनकाब करना है। यह हत्याकांड महज चार मिनट में अंजाम दिया गया था, जिसके बाद आरोपी अजय फरार हो गया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अजय दोपहर 1:55 बजे बोलेरो से प्लांट में दाखिल हुआ और 1:59 बजे वहां से निकल गया। पुलिस अब इस बात की टाइमलाइन का मिलान कर रही है कि प्लांट से मूसाझाग थाने तक पहुंचने में उसे कितना समय लगा। जांच की जा रही है कि क्या वह बोलेरो सीधे थाने ले गया, या रास्ते में किसी से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी दी और सुझाव मांगा, या फिर किसी के घर पहुंचकर स्थिति बताने के बाद सुनियोजित ढंग से थाने पहुंचा। इस पूरी टाइमलाइन का मिलान कर पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि प्लांट और थाने के बीच आरोपी किस-किसके संपर्क में आया। चूंकि उसका गांव भी रास्ते में पड़ता है, इसलिए यह भी जांचा जा रहा है कि उसने अपने परिजनों या गांव वालों को इस कांड की जानकारी दी थी या नहीं। इस बीच, ऐसी चर्चा है कि हत्याकांड के बाद अजय ने बीजेपी के एक युवा नेता को फोन किया था, हालांकि अधिकारी फिलहाल इस तथ्य से इनकार कर रहे हैं। इन सभी सवालों के जवाब तलाशने से उन लोगों को भी मुकदमे में शामिल करने की प्रक्रिया को बल मिलेगा, जिनके नाम हर्षित मिश्रा के परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिए हैं।

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