उपकरणों के सहारे मध्याह्न ठीक 12 बजे भगवान सूर्य की किरणें परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पड़कर तिलक का स्वरूप धारण करेंगी। उन्होंने बताया कि यह दृश्य करीब चार मिनट तक देखा जा सकेगा ।
उपकरणों के सहारे मध्याह्न ठीक 12 बजे भगवान सूर्य की किरणें परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पड़कर तिलक का स्वरूप धारण करेंगी। उन्होंने बताया कि यह दृश्य करीब चार मिनट तक देखा जा सकेगा ।
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