आगरा में घर में पति का खून से सना शव मिला और पास ही कुल्हाड़ी पड़ी थी, लेकिन ढाई साल बाद भी हत्या साबित नहीं हो सकी। आगरा की अदालत ने पत्नी और उसके कथित प्रेमी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
आगरा के थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव पछाय में हुए लीलाधर हत्याकांड में एडीजे-14 ज्योत्सना सिंह की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने मृतक की पत्नी सोनिया उर्फ सुनीता और उसके कथित प्रेमी भोला उर्फ भोलाराम को बरी कर दिया।
घटना 28 सितंबर 2023 की रात की है। मृतक के भाई लेखराज के अनुसार, रात करीब दो बजे उन्हें रोने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे तो लीलाधर का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा था और पास में खून सनी कुल्हाड़ी मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बाद में वादी ने आरोप लगाया कि पत्नी के भोला से प्रेम संबंध थे और दोनों ने मिलकर सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या की। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की और अदालत में आठ गवाह पेश किए।
सुनवाई में अदालत ने पाया कि मामले के सभी साक्ष्य परिस्थितिजन्य थे, लेकिन उनकी कड़ियां मजबूत तरीके से नहीं जुड़ीं। साथ ही हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी आरोपियों से बरामद नहीं हुई। इन कमियों के चलते कोर्ट ने दोनों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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