अयोध्या में आस्था का ज्वार उमड़ने लगा है। जिधर देखो श्रद्धालु ही श्रद्धालु। अवसर है प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का। भक्तों के पग बिना रुके अपने आराध्य रामलला की चौखट पर पहुंचने के लिए तेजी से बढ़ने के लिए आतुर हैं। जन्मोत्सव में शामिल होने की भक्तों की बेसब्री बढ़ती रही थी। आस्था के आगे प्रचंड धूप व तमाम दुश्वारियां बौनी साबित हो रही है। श्रीराम जन्मोत्सव के प्रतिनिधि गीत जनम लियो रघुरईया अवध मा बाजे बधइया… भी गूंजने लगा है। 27 मार्च को जैसे ही घड़ी की तीनों सुईयां दोपहर ठीक 12 बजे एक होगी।अयोध्या इस धरा धाम पर रामलला को पाकर निहाल हो उठेगा। श्री राम जन्मभूमि परिसर स्थित रामलला के दरबार सहित पूरी अयोध्या में भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी… के गान से गुंजायमान हो उठेगा। पूरी अयोध्या में घंट घड़ियाल की आवाज गूंजने उठेगी। इस पावन वेला के करीब आने के साथ हीं स्वर्गद्वार मोहल्ले में स्थित श्री सद्गुरु बधाई भवन में उल्लास दिखने लगाा है। भगवान के जन्म उत्सव पर उल्लास इस मंदिर में कैसा होगा। जहां सैकड़ों सालों से प्रभु श्री राम लला के जन्मोत्सव पर बधाई गाई जाती है, इसीलिए मंदिर का नाम बधाई भवन के नाम से जाना जाता है। बधाई का आनंद अगर अयोध्या में कहीं है तो वह बधाई भवन में ही। मंदिर के महंत राजीव लोचन शरण ने बताया कि ठाकुर जी के जन्मोत्सव की तैयारी मंदिर में महिनों से चलती है। चैत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से इस उत्सव का रंग और चटख हो उठता है। नवमी तिथि मधुमास पुनीता, यानि चैत शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को इसका उत्साह अनंत शिखर पर होता है। गुरुदेव भगवान के गोद में विराजमान ठाकुर जी का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है नवीन वस्त्र धारण कराया जाता है उत्तम भोग लगाया जाता है और ठीक 12 बजे जन्मोत्सव होता है। उसके बाद बधाई प्रारंभ होता है, जिसमें देश के कोने-कोने से भक्त संत महंत भाव विभोर होकर ठाकुर जी के समक्ष नृत्य करने लगते हैं। 27 मार्च को भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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