इलाहाबाद हाईकोर्ट में हाल ही में रोस्टर में बदलाव किया गया है। इसके तहत जस्टिस अतुल श्रीधरन अब सिविल मामलों की सुनवाई करेंगे। यह बदलाव उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जस्टिस श्रीधरन हाल ही में बरेली जिले के आंवला क्षेत्र के मोहम्मदगंज में नमाज प्रकरण को लेकर सुर्खियों में थे। इस मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन एसएसपी बरेली अनुराग आर्य और डीएम बरेली अविनाश सिंह को तलब किया था। कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही और कानूनी प्रक्रिया को लेकर गंभीर संदेश गया था। अब रोस्टर में बदलाव के बाद जस्टिस श्रीधरन को सिविल मामलों की जिम्मेदारी मिली है।आपराधिक और प्रशासनिक मामलों की सुनवाई अब किसी अन्य पीठ द्वारा की जाएगी। इस बदलाव को लेकर उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल, नमाज प्रकरण से जुड़े मामले की आगे की सुनवाई अब नई पीठ के समक्ष होगी। प्रशासन और पुलिस विभाग की नजरें आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।

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