अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को वेनेज़ुएला को लेकर अपने तेवर और कड़े कर दिए हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वेनेज़ुएला के ऊपर का पूरा हवाई क्षेत्र “बंद” माना जाए. मौजूद जानकारी के अनुसार पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने कैरिबियन सागर और पूर्वी प्रशांत में कथित ड्रग स्मगलिंग के खिलाफ कई घातक हमले किए हैं, जिसके बाद अंदेशा बढ़ गया है कि वाशिंगटन वेनेज़ुएला में किसी बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है.
ट्रंप ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब कुछ दिन पहले अमेरिकी विमानन प्राधिकरण ने एयरलाइंस को वेनेज़ुएला के आस-पास उड़ानों में सतर्कता बरतने की सलाह दी थी, जिसके बाद कई बड़ी विमान कंपनियों ने अपने ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए. बता दें कि ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेज़ुएला के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी को “जमीन से रोकने” के प्रयास भी बहुत जल्द शुरू किए जाएंगे.
उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, “सभी एयरलाइंस, पायलट, ड्रग डीलर्स और मानव तस्करों को सूचित किया जाता है कि वेनेज़ुएला के ऊपर और आस-पास का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद समझें.” गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन काफ़ी समय से वेनेज़ुएला के ‘कार्टेल दे लोस् सोलेस’ पर कार्रवाई का दबाव बढ़ाए हुए है और उसे विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर चुका है. वहीं काराकास का कहना है कि यह आरोप हस्तक्षेप का बहाना मात्र है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रणनीति के तहत क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाई गई है. अमेरिका ने एक एयरक्राफ्ट कैरियर और कई युद्धपोत तैनात किए हैं और कैरिबियन के कई देशों से सैन्य स्तर पर बातचीत भी तेज की है. बताया जाता है कि ट्रंप का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरपरस्ती में चलता है, हालांकि इस पर वेनेज़ुएला पूरी तरह असहमति जताता रहा है.
वेनेज़ुएला सरकार ने इस बढ़ती सैन्य गतिविधि को “औपनिवेशिक धमकी” करार दिया है. मादुरो प्रशासन ने ट्रंप की चेतावनी को “शत्रुतापूर्ण” बताते हुए तुर्किश एयरलाइंस समेत छह कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. उनका तर्क है कि ये एयरलाइंस अमेरिकी “राज्य प्रायोजित आतंकवादी कार्रवाई” में शामिल हो गई हैं. सरकार ने कहा कि ऐसे बयान “बल प्रयोग की खुली धमकी” हैं और वेनेज़ुएला किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा.
इस बीच मादुरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि ज़रूरत पड़े तो वे देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे न हटें. हालांकि राजधानी कराकास में सामान्य जीवन अभी भी चलता दिखाई देता है. क्रिसमस और ब्लैक फ्राइडे के कारण बाज़ारों में भीड़ है, जबकि दूसरी ओर सप्लाई से जुड़ी कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं. बता दें कि इसी बीच देश की सरकारी तेल कंपनी अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए है और शेवरॉन जैसी विदेशी कंपनियां भी सीमित दायरे में अपना उत्पादन कर रही हैं.
शनिवार को वेनेज़ुएला की सेना ने तटीय इलाकों में युद्धाभ्यास किया, जिसकी फुटेज राज्य टीवी पर दिखायी गई. सरकार ने यह भी कहा कि हवाई क्षेत्र में उत्पन्न तनाव के कारण अमेरिका से लौटने वाली प्रवासी उड़ानों को भी रोका जा सकता है, जो ट्रंप प्रशासन की एक प्रमुख योजना का हिस्सा हैं.
मौजूदा जानकारी के अनुसार, सितंबर से शुरू हुई अमेरिकी एंटी-नार्कोटिक्स कार्रवाई में अब तक कम से कम 83 लोगों की मौत हुई है. अमेरिका की ओर से अब तक यह स्पष्ट सबूत नहीं दिया गया है कि निशाना बनाए गए जहाज़ वास्तव में ड्रग तस्करी में शामिल थे. कई विशेषज्ञ इसे बिना न्यायिक प्रक्रिया वाली हत्याएं बताते हैं—even अगर लक्ष्य अपराधी ही क्यों न हों. इसी बीच ट्रंप ने अपनी रणनीति के तहत कोकीन तस्करी मामले में लंबी सजा काट रहे होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति को माफी देने की घोषणा भी कर दी है, वह भी केवल दो दिन पहले जब वहाँ चुनाव होने वाले हैं.
इन तमाम घटनाक्रमों ने क्षेत्र में तनाव को नई ऊंचाई दे दी है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसा माना जा रहा है क्योंकि राजनीतिक और सैन्य बयानबाज़ी दोनों ही तरफ़ लगातार तेज हो रही हैं. वेनेज़ुएला और अमेरिका के बीच यह मौजूदा टकराव क्षेत्रीय स्थिरता और मानवाधिकारों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिन पर दुनिया की नज़र टिकी हुई है.
क्षेत्रीय जानकारों का मानना है कि यदि यह संघर्ष उग्र रूप लेता है तो कैरिबियन का भू-राजनीतिक परिदृश्य और जटिल हो सकता है, जिसके संकेत पहले ही दिखाई देने लगे हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस पर करीबी नज़र बनाए हुए है और कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहा है.
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