मथुरा में यमुना जन्मोत्सव के अवसर पर विश्राम घाट पर एक अनोखी पहल की गई। यमुना शुद्धिकरण के लिए कार्यरत संस्था “प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर” ने श्रद्धालुओं को मौके पर ही फिल्टर किया हुआ यमुना जल आचमन के लिए उपलब्ध कराया। इस दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान “प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर” के सदस्यों ने कोरिया से आए सहयोगियों के साथ मिलकर सैकड़ों श्रद्धालुओं के सामने यमुना जल को तुरंत शुद्ध करने की तकनीक का प्रदर्शन किया। इस अनोखे प्रयोग ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और इसे विज्ञान व तकनीक के बेहतर उपयोग का उदाहरण बताया गया। संस्था के सदस्यों ने जानकारी दी कि वे पिछले कई वर्षों से यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो नदी के प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयोग न केवल समाधान प्रस्तुत करते हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी कार्य करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि जब एक संस्था अपने स्तर पर इस प्रकार का प्रभावी कार्य कर सकती है, तो सरकार भी ठोस कदम उठाकर यमुना को स्वच्छ बना सकती है। लोगों ने सरकार से यमुना शुद्धिकरण के लिए स्थायी और प्रभावी योजनाएं लागू करने की मांग की। यह आयोजन तकनीकी संभावनाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ। साथ ही, इसने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया।

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