गोंडा बेसिक शिक्षा विभाग के फर्नीचर आपूर्ति सरकारी टेंडर में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार जिला समन्वयक निर्माण विद्या भूषण मिश्र को जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम नित्या पांडेय ने मंगलवार को उन्हें एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और उसी धनराशि की जमानत प्रस्तुत करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया। विद्या भूषण मिश्र को 18 मार्च को पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर गोंडा मंडलीय कारागार भेजा था। वह भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों में बीते छह दिनों से जेल में बंद थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सुनवाई के दौरान मामले के तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए विशेष न्यायाधीश ने आरोपित का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। इसी भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी मामले में पूर्व गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी भी निलंबित चल रहे हैं। उनके खिलाफ भी इन्हीं आरोपों में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है, हालांकि उन्हें गोरखपुर एंटी करप्शन कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस धोखाधड़ी मामले में जिला समन्वयक जेम पोर्टल प्रेम शंकर मिश्रा अभी भी फरार हैं। उन्हें किसी भी कोर्ट से राहत नहीं मिली है। गोंडा नगर कोतवाल ने बताया कि प्रेम शंकर मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हुई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। प्रेम शंकर मिश्रा विभाग से छुट्टी लेकर फरार चल रहे हैं।

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