गाजियाबाद में यूट्यूब चैनल मोनेटाइजेशन के नाम पर एक युवक से 10.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कविनगर निवासी मयंक गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने यूट्यूब चैनल को बढ़ाना चाहते थे। इसी क्रम में 19 अगस्त 2025 को वह टेलीग्राम से जुड़े। वहां एक आईडी से परी राठौड़ नामक युवती ने उनसे संपर्क किया। युवती ने मयंक के चैनल को मोनेटाइज और सब्सक्राइबर बढ़ाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने 700 रुपये की पहली किस्त मांगी। मयंक ने यह रकम भेज दी, जिसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद परी राठौड़ ने विभिन्न बहानों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। प्रोसेसिंग फीस तो कभी वेरिफिकेशन फॉर्म भरने के नाम पर उसने मयंक से रुपये ऐंठे। जब मयंक ने अपनी रकम वापस मांगी,तो ठगों ने नया तरीका अपनाया। परी ने अपने भाई की इंस्टाग्राम आईडी भेजी और दावा किया कि उसका भाई अगले दिन सुबह तक सारे पैसे लौटा देगा। हालांकि, न पैसे वापस मिले और न ही कोई जवाब। इसके बजाय मयंक को धमकियां मिलने लगीं। युवती ने मयंक को धमकी दी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वह आत्महत्या कर लेगी और उसके परिवार वाले मयंक को फंसा देंगे। उसने यह भी दावा किया कि उसका फोन उसके भाई ने बेच दिया है। इस तरह धमकी, डर और भ्रम फैलाकर ठग मयंक पर लगातार दबाव बनाते रहे। कुछ दिनों बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को पीएसआई अधिकारी बताकर मयंक को धमकाना शुरू कर दिया। वह कभी खुद को परी का भाई बताता तो कभी सनी राठौड़ नामक व्यक्ति के कैंसर से मरने की झूठी कहानी सुनाता था। इन लगातार धमकियों और दबाव के कारण मयंक मानसिक रूप से परेशान हो गया और पैसे भेजता रहा। कुल मिलाकर उससे 10,50,145 रुपये ठग लिए गए। मयंक ने इस पूरे मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को सभी बैंक ट्रांजैक्शन, आईडी, चैट और भुगतान विवरण सौंप दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
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