यूपी के पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की बेटी की शादी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शिरकत की। उन्होंने इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। गायत्री प्रजापति गैंगरेप में लखनऊ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्हें 3 नवंबर से एक महीने के लिए पैरोल मिली है। वह 2 दिन में फिर से जेल जाएंगे। गायत्री की छोटी बेटी अंकिता की शादी 29 नवंबर को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी होटल द सेंट्रम होटल में हुई। अंकिता की शादी अभिषेक मिश्र से हुई है। अभिषेक मिश्र अमेठी विधानसभा क्षेत्र के घाघूघार गांव के रहने वाले हैं। अभिषेक के पिता ओम शंकर मिश्र तिलक इंटर कॉलेज प्रतापगढ़ के प्रिंसिपल पद से रिटायर हुए हैं। दूल्हे के पिता प्रिंसिपल रहे, मां परियोजना अधिकारी दूल्हे अभिषेक मिश्र के पिता इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल रहे। उनकी मां लालमति मिश्रा बाल विकास परियोजना अधिकारी हैं। उनकी तैनाती अमेठी विकास भवन में है। वहीं, दुल्हन अंकिता की मां यानी गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महराजी प्रजापति अमेठी से विधायक हैं। गायत्री के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़े बेटे अनिल प्रजापति की शादी हो चुकी है जबकि छोटा बेटा अनुराग प्रजापति अविवाहित है। प्रजापति की दो बेटियों संजू और सुधा की पहले ही शादी हो चुकी है। जब पैरोल मिली तो खुद अस्पताल में भर्ती थे गायत्री गैंगरेप में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को उत्तर प्रदेश शासन ने 3 नवंबर को एक माह की पैरोल (दंड का अस्थायी निलंबन) स्वीकृत की। गायत्री प्रसाद प्रजापति उस समय न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने अपने बड़े भाई छेदीराम और छोटी बहन धनपति (निवासी ग्राम परसांवा, अमेठी) के इलाज और अपनी बेटी की शादी के लिए पैरोल मांगी थी। कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3 की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पैरोल अवधि पूरी होने के बाद गायत्री को तय तिथि पर जेल में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। खनन घोटाले में भी जांच के घेरे में गायत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति बहुचर्चित खनन घोटाले के भी आरोपी हैं। इस मामले में उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है। खनन विभाग में मंत्री रहते हुए उन्होंने कथित रूप से खनन पट्टों के आवंटन में अनियमितताएं की थीं, जिसके चलते उन्हें जांच एजेंसियों ने घेरे में लिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि गायत्री प्रसाद प्रजापति निर्धारित अवधि में वापस नहीं लौटते, तो वह भविष्य में किसी भी अवधि या सदा के लिए पैरोल पाने के अधिकारी नहीं होंगे। शासन ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि पैरोल की तिथि और पुनः जेल में वापसी की सूचना उसी दिन शासन और महानिरीक्षक कारागार को भेजी जाए। गायत्री प्रजापति को ऐसे चढ़ा था राजनीति का रंग अमेठी से चार किलोमीटर दूर पड़ता है परसाना गांव। यहीं के रहने वाले हैं गायत्री प्रजापति। पिता सुकई राम कुम्हार थे। लेकिन गायत्री का मन इस काम में नहीं लगा तो वे पुताई का काम करने लगे। साल 1984 में इंदिरा गांधी का मर्डर हुआ, राजीव गांधी देश के पीएम बन गए। राजीव गांधी अमेठी से सांसद थे। उन्होंने अपने क्षेत्र में विकास के लिए कोरवा इलाके में हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (HAL) का कारखाना लगवाया। यहीं से पेंटर गायत्री के दिन बदल गए। कारखाने की बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी थी। गायत्री को इसकी पुताई का बड़ा ठेका मिल गया था। इससे पैसे तो आ गए, लोग अब भी कहते पेंटर ही थे। सब ठीक चल रहा था, तभी एक दिन कामकाज का जायजा लेने राजीव कारखाने आ गए। आगे-पीछे पुलिस की लंबी लाइन और गाड़ियां ही गड़ियां। कहते हैं कि उस दिन राजीव के काफिले को देखने बाद ही पेंटर गायत्री पर राजनीति का रंग चढ़ गया। …और इस तरह पुताई वाला बन गया कैबिनेट मंत्री साल 2013: सीएम अखिलेश यादव ने कैबिनेट विस्तार किया। गायत्री को सिंचाई विभाग में राज्य मंत्री का दर्जा मिला। पॉलिटिकल एक्सपर्ट कहते हैं, ”अखिलेश ने अपनी कैबिनेट में गायत्री को भले ही ले लिया था। लेकिन वे उन्हें पसंद नहीं करते थे। इसलिए उन्होंने शिवपाल के सिंचाई विभाग से गायत्री को हटाकर 2013 में ही खनन विभाग का स्वतंत्र प्रभार दे दिया गया।” खनन विभाग मिलते ही यूपी के स्कैम किंग बन गए गायत्री गायत्री के पास अब खनन विभाग था। इस विभाग से सरकार को बोरे भर-भर के पैसे मिलते हैं। बस यही पर गायत्री गच्चा खा गए। बस अब उनके कारनामों को गिनते जाइए… पहला मामला: प्रतापगढ़ के ओमप्रकाश द्विवेदी ने लोकायुक्त से शिकायत की कि गायत्री ने मंत्री रहते हुए कई बेनामी संपत्ति बनाई है। शिकायत में द्विवेदी ने कहा, ”गायत्री ने परिवार के लोगों और दोस्तों के नाम मोहनलालगंज में 300 करोड़ की संपत्ति जमा की है।” हालांकि, बाद में द्विवेदी ने इस शिकायत को वापस ले लिया। दूसरा मामला: यूपी के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने गायत्री पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने शिकायत में कहा, ”गायत्री ने अवैध खनन से 1000 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति इकट्ठा कर ली है।” तीसरा मामला: सुल्तानपुर के अभयराज यादव ने गायत्री के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की। इस पर जज एनके मेहरोत्रा ने जानकारी मांगी तो यादव कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद मामले की जांच बंद कर दी गई। चौथा मामला: अमेठी के महेंद्र कुमार ने गायत्री के पैसों से 50 लोगों को बेनामी संपत्तियां खरीदने का आरोप लगाया। तब जस्टिस मेहरोत्रा ने सभी लोगों को समन जारी किया। इनमें ज्यादातर लोगों ने कहा कि उन्होंने संपत्तियां अपने पैसों से खरीदी हैं। मामले में गायत्री के खिलाफ सबूत नहीं मिले। पांचवां मामला: सोनभद्र के रहने वाले यशवंत सिंह ने गायत्री पर अवैध खनन के मामले में शिकायत की। इसमें बताया गया कि मंत्री ने अवैध खनन करने वालों को संरक्षण दिया है। इससे उन्होंने कई बेनामी संपत्तियां हासिल की हैं। काल बनकर आया साल 2017 18 फरवरी 2017, दिन शनिवार, विधानसभा चुनाव में पहले चरण की वोटिंग हो गई थी। अखिलेश प्रचार में जुटे थे। तभी गायत्री और उसके 6 दोस्तों पर चित्रकूट की नाबालिग लड़की ने रेप का शिकायत दर्ज करवाई। लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में दी गई शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि गायत्री ने सरकारी आवास पर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया। फिर अपने दोस्तों के साथ मिलकर उससे रेप किया। गायत्री को 11 मार्च 2017 को एक और झटका लगा। वह चुनाव हार गए। बीजेपी की गरिमा सिंह को 63912 वोट मिले। गायत्री 58941 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। 12 नवंबर 2021 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने गायत्री और उसके दो दोस्तों को उम्रकैद की सजा हुई। ———————— ये खबर भी देखिए… उमर अंसारी की शादी में अखिलेश जरा देर से पहुंचे : बाहुबली विधायक का देसी लुक, VIDEO में मुख्तार अंसारी की छोटी बहू यूपी के माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी ने 15 नवंबर को गाजीपुर के मशहूर खानदान की बेटी से निकाह किया। उमर अंसारी का यह निकाह बेहद निजी रखा गया। दिल्ली के एक होटल में दिग्गजों की धांसू एंट्री हुई। इस समारोह में 2 नामों की सबसे अधिक चर्चा रही। (वीडियो देखिए)
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