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गंगा कटान से मिश्रा कॉलोनी में खतरा, मकानों तक दरारें:प्रशासन ने जिओ बैग लगाने की तैयारी की, 300 बैग तैयार

उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद मिश्रा कॉलोनी के रिहायशी इलाकों में पिछले लगभग दो महीनों से कटान लगातार बढ़ रही है। तेज धारा के कारण तट की मिट्टी बहने से अब कटान मकानों तक पहुंच गई है, जिससे स्थानीय निवासियों में अपने घर उजड़ने का भय गहरा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने मौके का निरीक्षण किया और कटान रोकने के उपायों पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर उन्नाव खंड शारदा नहर के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) गगन शुक्ला, सहायक अभियंता आयुष कुशवाहा और अवर अभियंता (जेई) जय प्रकाश श्रीवास्तव ने मिश्रा कॉलोनी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ नगर पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे के प्रतिनिधि संदीप पांडे भी मौजूद रहे। टीम ने मिश्रा कॉलोनी श्मशान घाट से लेकर नवीन बाढ़ केंद्र तक कटान प्रभावित पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मिट्टी के बड़े हिस्से में धंसने, तट रेखा के लगातार पीछे खिसकने और घरों के किनारों तक दरारें पहचने पर चिंता व्यक्त की। निरीक्षण के बाद एक्सईएन गगन शुक्ला ने बताया कि कटान पर नियंत्रण पाने के लिए तीन सौ मीटर लंबे क्षेत्र में जिओ बैग और जिओ ट्यूब डाली जाएँगी। इसके लिए विस्तृत अनुमान तैयार कर लिया गया है, और बजट स्वीकृत होते ही कार्य तुरंत शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मिश्रा कॉलोनी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि कई मकान अब कटान के बिल्कुल मुहाने पर पहुँच चुके हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार, लगभग 300 जिओ बैग डाले जाएँगे। प्रत्येक जिओ बैग एक मीटर लंबा और आधा मीटर चौड़ा होगा। इन बड़े बैगों को आपस में जोड़कर नदी के कटान वाले हिस्से में मजबूती से लगाया जाएगा, ताकि पानी की तेज धारा तट को और नुकसान न पहुँचा सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिओ बैग में पहले बालू भरी जाएगी और फिर एक विशेष रसायन मिलाया जाएगा, जिससे ये बैग पत्थर जैसी कड़ी संरचना में बदल जाएंगे। यह तकनीक कटान रोकने में अत्यंत प्रभावी मानी जा रही है।


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