रायपुर और मांची थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गोवंश तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उनके पास से 7 गोवंश, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। यह घटना 29/30 नवंबर 2025 की रात करीब 12:30 बजे की है। रायपुर और मांची थाना पुलिस की संयुक्त टीम खलियारी-दरमा मार्ग पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर वाहन सवार तेजी से भागने लगे। कच्चे रास्ते में वाहन फंस जाने पर दोनों आरोपी जंगल की ओर भागे। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी किए जाने पर एक अभियुक्त ने पुलिस पर जानलेवा फायर किया, जिसकी गोली प्रभारी निरीक्षक के सिर के ऊपर से निकल गई। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश जियाउल उर्फ जियाउद्दीन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर तत्काल उपचार के लिए सीएचसी वैनी भेजा गया। दूसरा बदमाश रिशु यादव उर्फ विकास यादव मौके पर ही आत्मसमर्पण कर गिरफ्तार हो गया। घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ रायपुर थाने में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में जियाउल और रिशु यादव ने स्वीकार किया कि वे पिकअप वाहन में 7 गोवंश लादकर बिहार ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस को अचानक सामने देखकर वे घबरा गए और भागने के प्रयास में गाड़ी मिट्टी में फंस गई, जिसके बाद वे जंगल की ओर भागे। अभियुक्त जियाउल ने यह भी बताया कि साथी रिशु यादव के उकसाने पर उसने पुलिस को रोकने और स्वयं को बचाने की नीयत से तमंचे से फायर किया था। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि गोवंश उन्हें प्रमोद, शिवमंगल यादव, विनोद और गोरख खटिक (जो दोनों भाई हैं) द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। वे इन पशुओं को भगवान यादव (निवासी निरंजनपुर, थाना चैनपुर, जनपद कैमूर भभुआ, बिहार) और विकास यादव (निवासी ग्राम झरिया, थाना चैनपुर, जनपद कैमूर भभुआ, बिहार) के निर्देश पर बिहार ले जा रहे थे। वहां से इन पशुओं को वध के लिए आगे बंगाल भेजा जाता था और प्राप्त धनराशि सभी में बराबर बांट ली जाती थी।
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