बरेली में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अभियान की खामियों और जनता की परेशानियों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले के कई क्षेत्रों में बीएलओ अभी तक घर-घर जाकर आवश्यक फॉर्म उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। इससे नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। कई परिवार अभी भी 2003 की पुरानी मतदाता सूची पर निर्भर हैं, क्योंकि नई सूची में उनके नाम शामिल नहीं हैं। इसका सर्वाधिक असर घनी आबादी वाले और आर्थिक रूप से कमजोर मोहल्लों में देखा जा रहा है, जहाँ लोग मतदाता पहचान पत्र संबंधी जानकारी जुटाने के लिए परेशान हो रहे हैं। AIMIM ने दावा किया कि निर्धारित समय सीमा कम होने के कारण बीएलओ पर काम का भारी दबाव है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि विभिन्न जिलों से बीएलओ के तनाव, हार्ट अटैक और आत्महत्या जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। फॉर्म भरने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के अभाव और समय की कमी के कारण गरीब तथा अशिक्षित वर्ग को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में गए प्रवासी मतदाता फॉर्म भरने में असमर्थ हैं, जिससे आगामी चुनाव में उनके नाम मतदाता सूची से कटने का खतरा बढ़ गया है। पार्टी ने न्यायहित में एसआईआर की समय सीमा छह माह बढ़ाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे अधिकतम मतदाताओं को सूची में सही ढंग से शामिल किया जा सकेगा और बीएलओ पर से दबाव भी कम होगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी, रेहान अंसारी, नसीम खान, मोहम्मद असलम एडवोकेट, अन्ने सकलैनी, युसुफ अली, गुड्डू अल्वी, जिला सचिव जमरूद ख़ां, तौसीफ खान और एडवोकेट इमरान अली सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
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