सोनभद्र में तीन दिवसीय जनजातीय उत्सव का दूसरा दिन मंगलवार को लोक परंपराओं की अद्भुत छटा के साथ संपन्न हुआ। यह उत्सव उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और जिला प्रशासन सोनभद्र के संयुक्त तत्वावधान में संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राबर्टसगंज के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत वीर रस से ओतप्रोत आल्हा गायन से हुई। अंजनि सिंह एवं उनके दल ने जैसे ही “बारह बरिस तक कुत्ता जीवे, सोलह बरिस सियार, बरिस अठारह क्षत्रिय जीवे, आगे जीवन बेकार” जैसे बोल छेड़े, पूरा वातावरण जोश और उत्साह से भर गया। दर्शकों ने इस प्रस्तुति का देर तक आनंद लिया। आल्हा गायन के बाद विभिन्न जनजातीय नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें ह्रास कुमार मारावी का रीना शैला नृत्य, सोना राम एवं दल का गरदबाजा नृत्य, राम आधार एवं दल का करमा नृत्य, तेजकरण एवं दल का चकरी व कालबेलिया नृत्य तथा लिखीराम रुवे का गुदुम्बाजा नृत्य शामिल थे। इन प्रस्तुतियों ने जनजातीय संस्कृति की विविधता को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राधिका पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष, और विशिष्ट अतिथि प्रमीला जायसवाल, जिला मंत्री, भाजपा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संयोजक संत कीनाराम महाविद्यालय, रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र के प्रधानाचार्य डॉ. गोपाल सिंह थे, जबकि इसकी संपूर्ण परिकल्पना केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने की थी। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा “नव निर्माण के नौ वर्ष” पर आधारित पुस्तक और फोल्डर का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में विनय सिंह, राजेश भारती, पुष्पा सिंह, राजेश कुमार मिश्रा, विनोद कुमार और कार्यक्रम समन्वयक मनोज कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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