उन्नाव में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी स्थित पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज के बाहर नाली निर्माण कार्य में स्कूल के मासूम बच्चों से मजदूरी कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में 12–14 वर्ष के बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में ही भारी पत्थर उठाकर मजदूरों की तरह काम करते दिख रहे हैं, जबकि उन्हें उसी समय कक्षा में होना चाहिए था। वीडियो सामने आते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। वायरल फुटेज में बच्चे सिर और हाथों में बड़े पत्थर उठाकर निर्माण स्थल तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उसी समय का वीडियो है जब स्कूल के बाहर नाली निर्माण का काम चल रहा था। किसी कर्मचारी या स्कूल के जिम्मेदार की अनदेखी में बच्चों को कार्य में लगा दिया गया। बाल श्रम कानून, RTE और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल मामले के बाद बाल श्रम कानून, शिक्षा का अधिकार (RTE) और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों ही निर्माण स्थल की मॉनिटरिंग के दौरान बच्चों को सुरक्षित दूरी पर रखने में विफल रहे। यह घटना उनकी सतर्कता की कमी को उजागर करती है। ‘यह एक वीडियो नहीं, सिस्टम की बड़ी खामी’ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी की व्यापक कमी को दर्शाता है। यदि समय रहते किसी अधिकारी की नजर इस गैरकानूनी गतिविधि पर पड़ती, तो बच्चों को ऐसे जोखिम भरे काम में नहीं लगाया जाता। जांच और कार्रवाई की मांग तेज लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन तुरंत जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करेगा। बाल श्रम न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि बच्चों के अधिकार और उनके भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। इलाके में चर्चा है कि अगर जवाबदेही तय नहीं हुई, तो ऐसे मामले आगे भी दोहराए जा सकते हैं।
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