सोनभद्र जिलाधिकारी बीएन सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना था। इसमें जिला स्तरीय और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में बड़ी संख्या में असंतोषजनक फीडबैक पाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियन्ता नगरीय, अधिशासी अभियन्ता विद्युत पिपरी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, खाद्य विपणन अधिकारी और ज्येष्ठ खान अधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने के कारण की गई। जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि जनता दर्शन, तहसील दिवस, आई.जी.आर.एस. और थाना समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर जाकर शिकायतकर्ता से फीडबैक प्राप्त करें और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। निस्तारण के दौरान स्थल पर की गई कार्रवाई संबंधी जी.पी.एस. फोटोग्राफ्स अपलोड करना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी प्रतिदिन आई.जी.आर.एस. पोर्टल को लॉग इन करें, प्राप्त होने वाली शिकायतों का फीडबैक लेते रहें और उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अंतिम दिन शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चंद्र, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, डी.सी. मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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