कानपुर में स्कॉर्पियो सवार दरोगा के साथ मिलकर किशोरी से गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने वाले यूट्यूबर शिवबरन सिंह की जमानत याचिका विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रविकरण सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से तर्क दिया गया कि पीड़िता के बयानों से प्रथम दृष्टया साबित होता है कि आरोपी व उसके साथी दरोगा ने गैंगरेप जैसे संगीन अपराध को अंजाम दिया है, जो आजीवन कारावास की श्रेणी में आता है। यह था पूरा प्रकरण…. सचेंडी थानाक्षेत्र में रहने वाली किशोरी ने आरोप लगाया था कि 5 जनवरी को शौच क्रिया के दौरान दरोगा अमित कुमार मौर्या व यूट्यूबर शिवबरन सिंह उसे स्कॉर्पियो में जबरन बिठा कर ले गए और रेलवे ट्रैक किनारे ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद उसे फेंक कर फरार हो गए थे। घर पहुंचने पर पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद सचेंडी थाने में आरोपी दरोगा व यूट्यूबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से दरोगा अमित कुमार मौर्या फरार हो गया था, पुलिस कमिश्नर ने दरोगा पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। वहीं यूट्यूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी की ओर से विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपी को रंजिशन फंसाया गया है। पीड़िता द्वारा उसे किस स्थान पर ले जाया गया, इसकी पुष्टि नहीं की गई है। सर्दी के मौसम में रात 9 बजे शौच के लिए घर से एक किमी दूर जाने की बात कहना संदेहास्पद है। पीड़िता के मेडिकल में चोट, खरोंच, जोर–जबरदस्ती के तथ्य नहीं पाए गए है। वहीं पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सईद नकवी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की। जिस पर कोर्ट ने शिवबरन की अर्जी खारिज कर दी।

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