नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय द्वारा मंगलवार को झकरकटी बस अड्डे के पास स्थित तालाब के सौन्दर्यीकरण व फजलगंज में नवनिर्मित हो रहे बारातशाला का निरीक्षण किया गया। अधिशाषी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि मेयर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा तालाब के संरक्षण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य 4.32 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत किया गया था। 15 मार्च को श्रीराम इन्फ्रास्ट्राक्चर को वर्कआर्डर भी जारी किया गया है। नगर आयुक्त को बारातशाला में अवैध कब्जा भी मिला। नगर आयुक्त ने जल्द से जल्द काम पूरा करके अप्रैल से बुकिंग के निर्देश दिए। तालाब में होंगे यह काम तालाब को सुंदर बनाने में तालाब किनारे स्टोन पिचिंग, पाथवे, आरओ की स्थापना, डस्टबिन, बेंच, हाइमास्ट लाईट/पोल लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, बाहरी बाउण्ड्रीवाल आदि बनवाई जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा कि झकरकटी में मेट्रो एवं यूपीएसआरटीसी के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। नगर निगम को तालाब का सौन्दर्यीकरण इस प्रकार करना है कि बाकी विभागों के प्रोजेक्ट भी चलते रहे। बारातशाला में बाकी है लॉन का काम नगर आयुक्त ने फजलगंज के अन्तर्गत नवनिर्मित हो रहे बारातशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लॉन का कार्य अभी बाकी है, निर्देश दिये गये कि एक सप्ताह के अन्दर लॉन में घास लगाने व अन्य सभी बाकी कार्य पूर्ण कर लिया जाये, जिससे अप्रैल के प्रारम्भ में ही वैवाहिक व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु बुकिंग आदि की कार्यवाही प्रारम्भ की जा सके। शीघ्र ही क्षेत्रीय नागरिकों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाये।
कमरे में मिला अनाधिकृत कब्जा बारातशाला परिसर में पीछे की ओर एक कमरे में अनाधिकृत कब्जा पाया गया। इस सम्बन्ध में नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारी-5 को निर्देश दिये गये कि तत्काल निरीक्षण करते हुए बारातशाला परिसर से अवैध कब्जे को हटाना सुनिश्चित किया जाये, साथ ही परिसर के बगल में बने मार्केट के स्वामित्व की भी जॉच कर ली जाये, ऐसा संज्ञान में आया है कि यह स्थल बारातशाला परिसर में है और इसमें अवैध रूप से दुकानें संचालित की जा रही है। कूड़े के लिए मशीन रखने के निर्देश पार्षद द्वारा बताया गया कि बारातशाला के बाहर एक कूड़ाघर था, जो बारातशाला बनने से हट गया है, अन्य स्थल पर ट्रांसफर स्टेशन/कूड़ाघर बनाया जाये। निर्देश दिये गये कि यहां पर बारातशाला के आसपास पीटीसीएस के स्थल का चयन कर लिया जाये। मुख्य अभियन्ता द्वारा सुझाव दिया गया कि सर्वप्रथम भूमि पर बेस बनाकर मशीन का रख दिया जाये, तॉकि कूड़ा को उसमें डाला जा सके, उसके बाद पीटीसीएस बनाने की कार्यवाही प्रारम्भ की जाये।

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