गया: जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने डोभी-चतरा रोड पर 1670 एकड़ में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी शेरघाटी, अंचलाधिकारी डोभी और अन्य संबंधित अधिकारियों ने नक्शे के माध्यम से पूरे औद्योगिक क्षेत्र की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व और अंचलाधिकारी डोभी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया प्रोजेक्ट में मौजूदा लिंक रोड की संख्या और अतिरिक्त लिंक रोड की आवश्यकता पर एक विस्तृत कनेक्टिविटी मैप तैयार किया जाए, ताकि इंडस्ट्रियल पार्क को सीधे सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सके। कार्यपालक अभियंता, आरसीडी शेरघाटी ने बताया कि जीटी रोड से इंडस्ट्रियल पार्क तक सड़क निर्माण के लिए एलाइन्मेंट तैयार हो गया है और विभाग से स्वीकृति भी मिल गई है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। पहले सरकारी भूमि पर काम होगा, फिर निजी भूमि का अधिग्रहण कर सड़क बनाई जाएगी। जिलाधिकारी ने भू-अर्जन पदाधिकारी को दिए जरूरी निर्देश जिलाधिकारी ने भू-अर्जन पदाधिकारी को एलाइन्मेंट के अंदर आने वाली सभी निजी जमीनों का अधिग्रहण कर मुआवजा राशि वितरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस औद्योगिक कॉरिडोर में अपने-अपने विभाग के कार्यों को तेजी से शुरू करने के लिए कहा। यह इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) परियोजना, जो अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गया के डोभी में बन रही है, जिले के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इस परियोजना के तहत डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना है। अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर से निकटता के कारण यह क्षेत्र आर्थिक क्षेत्र के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इस बड़े औद्योगिक हब के बनने से गया के विकास में तेजी आएगी और आने वाले दिनों में कई कंपनियां/निवेशक यहां आएंगे। सड़क, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी से जुड़ेगा इंडस्ट्रियल पार्क इस इंडस्ट्रियल पार्क को विकसित करने के लिए जीटी रोड से चौड़ी सड़कें जुड़ेगी, रेलवे कनेक्टिविटी होगी तथा एयर कनेक्टिविटी भी होगी। उन्होंने बताया कि देश का बेहतरीन इंडस्ट्रियल पार्क गया में बनने जा रहा है। केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार दोनों का सहयोग इस इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण में प्राप्त है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि 1670 एकड़ के अलावा इसी भूखंड से सटे अन्य सरकारी भूखंड जो चिह्नित है, उसको भी घेराबंदी कराएं, ताकि इस औद्योगिक कॉरिडोर को और बड़ा रूप में विस्तार किया जा सके। वर्तमान में 1670 एकड़ में किया जा रहे पिलरिंग का कार्य को देखकर निर्देश दिया है कि और तेजी से पिलरिंग का कार्य करवाए, जहां भी जिस बिंदु पर दिक्कतें आ रही हैं, उस स्थान पर अंचल अधिकारी स्वयं जाकर उन्हें दूर करें। जिलाधिकारी ने बताया कि नेशनल हाईवे से फोरलेन सड़क की कनेक्टिविटी को सीधे उक्त परियोजना से जोड़ने के लिए कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग शेरघाटी को निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा है कि विभाग को अधियाचन भेजने के लिये तेजी से प्रस्ताव तैयार करें। कॉरिडोर में पहुंचने के लिए नेशनल हाईवे के दोनों तरफ से सड़क कनेक्टिविटी तैयार किया जा रहा है। गया जिले में उद्योगों तथा इंडस्ट्रीज का जाल बिछाने के लिए सरकार तथा उद्योग विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों के संबंध में ज़िला पदाधिकारी गया ने बताया कि अमृतसर दिल्ली कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत कुल 13 मौजा 1670.22 एकड़ का रकबा है। परियोजना के निर्माण के लिए 370 करोड़ प्राप्त राशि के विरुद्ध 200 करोड़ से अधिक राशि का वितरण किया जा चुका है। इस परियोजना में 1579 हितबद्ध रैयतों है, जिसके विरुद्ध 1409 रैयतों को भुगतान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि रैयतों की जमाबंदी पूर्वजों के नाम के होने के कारण वर्तमान रहे लोगो को भुगतान में थोड़ी धीमी प्रगति है।
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