कानपुर देहात। मैथा तहसील के शिवली बाजार स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों पर जिला कृषि अधिकारी ने बुधवार को निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानों से उर्वरक के नमूने लिए गए, जबकि अनियमितताएं मिलने पर दो विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस थमाया गया। ओम सत्य साई ट्रेडर्स, केसरी निवादा के निरीक्षण में डीएपी 149 बोरी, एनपीके 231 बोरी, यूरिया 95 बोरी और अमोनियम सल्फेट 32 बोरी मिली। डीएपी और एनपीके से एक-एक नमूना लिया गया। प्रतिष्ठान पर स्टॉक रेट बोर्ड न मिलने पर नोटिस जारी किया गया। शिवली मैथा स्थित राजेश ट्रेडर्स में निरीक्षण के समय अभिषेक अग्निहोत्री मौजूद रहे। यहां डीएपी 252 बोरी, यूरिया 1400 बोरी और एसएसपी 41 बोरी पाई गई। डीएपी और एसएसपी के नमूने लिए गए। स्टॉक रजिस्टर, स्टॉक बोर्ड और रेट बोर्ड की जानकारी उपलब्ध न कराने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके बाद टीम ने ए.के. शिवली मैथा का निरीक्षण किया। प्रोपराइटर रामदास की मौजूदगी में यहां डीएपी 15 बोरी, एनपीके 15 बोरी और अमोनियम सल्फेट 3 बोरी मिली। डीएपी और एनपीके के नमूने लिए गए।श्री जयगुरुदेव फर्टिलाइजर के निरीक्षण में यूरिया 1931 बोरी, डीएपी 411 बोरी, एमओपी 13 बोरी तथा एनपीके 404 बोरी पाई गई। यहां डीएपी के दो नमूने लिए गए। कृषि विभाग ने सभी उर्वरक दुकानदारों को निर्देशित किया कि स्टॉक व बिक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड अपडेट रखें। किसानों को खतौनी के आधार पर ही पीओएस मशीन से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। बिक्री रात्रि 8 बजे तक ही की जाए, इसके बाद की बिक्री पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई होगी। जिले में इस समय यूरिया 18103 मीट्रिक टन, डीएपी 3522 मीट्रिक टन, एनपीके 8343 मीट्रिक टन, एमओपी 308 मीट्रिक टन और एसएसपी 557 मीट्रिक टन उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई है कि वे आधार और खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक खरीदें। प्रति किसान डीएपी 5 बोरी और यूरिया 7 बोरी की सीमा निर्धारित है।
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