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औरंगाबाद में 4500 लीटर से अधिक जावा महुआ किया नष्ट:कुटंबा के दो गांवों में पुलिस ने चलाया छापेमारी अभियान, एक भी कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं

औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में अवैध देसी शराब का धंधा लगातार पुलिस-प्रशासन को चुनौती दे रहा है। इसी बीच कुटुंबा पुलिस ने बुधवार को भारी संख्या में पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के मुड़िला और पिपरा बगाही गांव में छापामारी अभियान चलाया। थाना अध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि मुड़िला गांव में चलाए जा रहे छापेमारी अभियान के दौरान लगभग 2000 लीटर जावा महुआ शराब को नष्ट किया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस को देखते ही शराब कारोबारी गांव छोड़कर भाग निकले, जिसके कारण एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस का दावा है कि वंचित धंधेबाजों की पहचान कर आगे कार्रवाई की जा रही है। पिपरा बगाही गांव के भुइयां टोली में 2500 लीटर जावा महुआ नष्ट किया पुलिस टीम ने पिपरा बगाही गांव स्थित भुइयां टोली में भी शराब निर्माण के खिलाफ छापामारी की। यहां पुलिस ने करीब 2500 लीटर जावा महुआ नष्ट किया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब पुलिस लगातार गांवों में बढ़ते अवैध शराब उत्पादन को लेकर दबाव में है। अभियान से लौट रही पुलिस ने धीवर नहर रोड के पास सिंचाई विभाग के एक परित्यक्त भवन से 100 लीटर देसी महुआ शराब बरामद की, जो लावारिस हालत में रखी गई थी। पुलिस ने इसे भी मौके पर नष्ट कर दिया। स्थानीय लोग बोले- प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाइयां केवल दिखावे तक सीमित हैं, क्योंकि शराब धंधेबाज हर बार आसानी से फरार हो जाते हैं। उनके अनुसार, मुख्यालय के इतने नजदीक बसे गांव में खुलेआम शराब कारोबार होना प्रशासन की विफलता का साफ संकेत है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की संभावित सूचना लीक होने से धंधेबाज पहले ही भाग निकलते हैं, जिसके कारण गिरफ्तारियां नहीं हो पातीं। थाना क्षेत्र का मुड़िला गांव वर्षों से शराब निर्माण और बिक्री के प्रमुख गढ़ के रूप में पहचान रखता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम ढलते ही यहां हजारों की भीड़ शराब सेवन के लिए जुटती है, और किसी मेले जैसा दृश्य रोजाना देखने को मिलता है। बिहार में शराबबंदी लागू हुए कई वर्ष बीत गए, पर मुड़िला गांव में शराबबंदी का असर कभी दिखाई नहीं दिया। गांव का दक्षिणी हिस्सा लगभग पांच दशकों से इस कारोबार में सक्रिय है, और पुलिस की छिटपुट कार्रवाइयों ने भी इस अवैध व्यवसाय पर कोई स्थायी रोक नहीं लगा सकी। थानाध्यक्ष इमरान आलम ने कहा कि दोनों स्थानों पर बरामद शराब और नष्ट किए गए जावा महुआ के आधार पर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत वांछित आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी लागू कराने के उद्देश्य से पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा, और अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए विशेष रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।


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