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BHU में विकसित भारत-2047 पर पढ़ें गए 207 शोध-पत्र:प्रो. शशिकांत बोले- मीडिया के लिए डिजिटल बदलाव होगी चुनौतियां, AI बनेगा भविष्य का मूल उपकरण

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत @ 2047’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देशभर से आए विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने ऑनलाइन व ऑफ़लाइन माध्यम से विविध विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिनमें वेद-पुराण, आयुर्वेद, ए.आई., महिला सशक्तिकरण, नई शिक्षा नीति, मीडिया साक्षरता और समसामायिक सामाजिक मुद्दे शामिल थे। वक्ता प्रो. शशिकांत शर्मा ने तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हमें तेज गति से आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा। ए.आई. भविष्य का मूल उपकरण बनने वाला है। भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर कहा कि ड्रोन वार जैसी तकनीकी चुनौतियाँ आने वाले समय में प्रमुख होंगी, और हमें इसके लिए अभी से तैयार रहना होगा। मीडिया की भूमिका पर उन्होंने आगे कहा-विकसित भारत में मीडिया परिवर्तन का प्रमुख वाहक है, लेकिन उसके सामने डिजिटल बदलाव की बड़ी चुनौतियाँ भी हैं। 2047 में वही मीडिया प्रासंगिक होगा, जो जनता के प्रति जवाबदेह रहे प्रो. गोविंद सिंह (मीडिया सलाहकार, उत्तराखंड सरकार) ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने लोकतंत्र को व्यापक और सशक्त बनाया है। 2047 में वही मीडिया प्रासंगिक होगा, जो जनता के प्रति जवाबदेह, पारदर्शी और नैतिक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर आधारित होगा। तकनीक आवश्यक है, लेकिन पत्रकारिता का अस्तित्व केवल सत्य और सामाजिक प्रतिबद्धता पर टिका है। आज सूचना की गति बढ़ी है, पर खतरा यह है कि असत्य भी उतनी ही तेजी से फैलता है। इसलिए आने वाले समय में पत्रकारों को सिर्फ खबर बतानी नहीं, बल्कि सत्य को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। मीडिया की सबसे बड़ी पूंजी उसकी साख है और यही 2047 के विकसित भारत की असली मीडिया-शक्ति बनेगी। जनहितकारी दृष्टिकोण अपनाए मीडिया डॉ. बाला लखेन्द्र ने कहा कि संविधान और स्वतंत्रता ने हमें अभिव्यक्ति की आज़ादी दी और मीडिया इस आज़ादी का संरक्षक है। 2047 का भारत तभी विकसित होगा जब मीडिया तथ्यपरक, संवेदनशील और जनहितकारी दृष्टिकोण अपनाएगा। प्रो. चंद्रशेखर पाण्डेय ने कहा कि भविष्य की पत्रकारिता डेटा-केन्द्रित और शोध आधारित होगी। प्रेस की नैतिक जिम्मेदारियाँ और भी बढ़ेंगी, क्योंकि सूचना का स्रोत तेजी से बदल रहा है।


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