बलरामपुर के विकास खंड हरैया सतघरवा की ग्राम पंचायत सिकंदर बोझी में उचित दर विक्रेता (कोटा) के चयन को लेकर शनिवार को ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी बलरामपुर को ज्ञापन सौंपकर पूरे चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच और नए सिरे से निष्पक्ष चयन की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि एडीओ पंचायत राधेश्याम और ग्राम पंचायत अधिकारी शुभम श्रीवास्तव ने विपक्षी प्रत्याशी अभिषेक सिंह से मिलीभगत कर उनके पक्ष में प्रस्ताव तैयार किया। उनके अनुसार, चयन प्रक्रिया में ग्राम प्रधान की सहमति नहीं ली गई और न ही उनके हस्ताक्षर या मुहर का उपयोग किया गया। इसके बावजूद अधिकारियों ने दबाव बनाकर प्रस्ताव पारित कर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जब प्रत्याशी प्रमोद कुमार पांडे और ग्राम प्रधान ने इस प्रक्रिया का विरोध किया, तो अधिकारियों ने उन्हें धमकी देने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें चेतावनी दी गई कि प्रधानी काल के सभी कार्यों का हिसाब उनसे वसूला जाएगा। इसके साथ ही अभिषेक सिंह और गुलाब सिंह पर भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी अन्य विभाग के अधिकारी की देखरेख में कराई जाए और उचित दर विक्रेता का पुनः चयन किया जाए।
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