आगरा नगर निगम में शनिवार को आयोजित 13वें अधिवेशन में जिस मुद्दे पर चर्चा होनी थी, उससे हटकर सदन में पार्किंग, विज्ञापन और जलकल विभाग के नए बिलों को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, पार्षदों ने अवैध पार्किंग का मुद्दा उठाया और कहा कि शहर में कई अनधिकृत पार्किंग संचालित हो रही हैं, जहाँ दबंगई और विवाद आम हो गए हैं। पार्षदों का कहना था कि इन पार्किंगों को रोका जाए या फिर संचालकों से रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूला जाए। विज्ञापन शुल्क को लेकर भी पार्षदों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कई बड़ी कंपनियों के होर्डिंग छोटे ढाबों, टपरियों और दुकानों पर लगाए गए हैं, लेकिन शुल्क वसूल नहीं किया जा रहा। पार्षदों ने चेतावनी दी कि या तो कंपनियों से शुल्क वसूला जाए, अन्यथा ऐसे होर्डिंग हटाए जाएँ। जलकल विभाग द्वारा लगाए गए नए बिल भी सदन में विवाद का कारण बने। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नए बिलों में अतिरिक्त रकम जोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुराने बिलों में किसी भी तरह की नई राशि न जोड़ी जाए और जनहित में जलकल को पारदर्शिता रखनी चाहिए। तीखी नोकझोंक और हंगामे के बीच सदन की अध्यक्ष हेमलता दिवाकर ने पार्षदों को शांति से बैठने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन का उद्देश्य बजट पर चर्चा करना है, इसलिए गरिमा बनाए रखते हुए कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए।
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