कन्नौज के जलालाबाद क्षेत्र में चल रही चकबन्दी प्रक्रिया को निरस्त कराने के लिए शनिवार को सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इसे निरस्त कराने की मांग की। ऐसा न होने पर किसानों ने सामूहिक रूप से आत्मदाह करने की बात कही है। जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र में इन दिनों चकबन्दी प्रक्रिया चल रही है। आरोप है कि चकबन्दी से जुड़े लेखपाल व अधिकारी कीमती जमीनों को दूसरों के हिस्से में शामिल करने की सेटिंग कर के किसानों का शोषण कर रहे हैं। जबकि सड़क से दूर सस्ती जमीनें किसानों के खाते में जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरी चकबन्दी प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। कस्बे से लेकर ग्राम पंचायत सचिवालय तक चकबन्दी के विरोध में किसान प्रदर्शन कर चुके, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो शनिवार को तमाम किसान एकत्र होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां डीएम कार्यालय के बाहर किसानों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी भी की। किसानों का प्रदर्शन देखकर अतिरिक्त एसडीएम अविनाश गौतम वहां पहुंच गए और किसानों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने कहा कि अभी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद चकबन्दी का भौतिक सत्यापन करवाकर आगे निर्णय लिया जाएगा। हालांकि किसान सिर्फ चकबन्दी प्रक्रिया को निरस्त कराने की मांग और अड़े रहे। किसानों ने कहा कि यदि चकबन्दी प्रक्रिया निरस्त न की गई तो वह लोग आत्मदाह करने पर विवश होंगे। किसान कन्हैया तिवारी ने कहा कि चकबन्दी के नाम पर किसानों की कीमती जमीनें दूसरों को दी जा रहीं हैं। जिससे किसानों का शोषण हो रहा है। सभी लोगों की मांग है कि चकबन्दी प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह लोग धरना-प्रदर्शन पर डटे रहेंगे। उधर किसानों ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से मुलाकात की और समस्या से अवगत कराया। मंत्री ने चकबन्दी प्रक्रिया रुकवाने का भरोसा दिया। जिस ओर किसानों ने खुशी का इजहार किया।
https://ift.tt/0MC9iAX
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply