महज 14 साल की उम्र में अलीगढ़ की गनिका जाखड़ ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर बड़े-बड़े डांसर भी हैरान हैं। स्कर्ट में आग लगाकर स्पिन डांस करने वाली इस नन्ही कलाकार ने इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। रिकॉर्ड बनने के बाद अब लोग उन्हें फायर गर्ल ऑफ इंडिया के नाम से जानने लगे हैं। सात साल की उम्र में ही कर ली थी घुंघरुओं से दोस्ती स्वर्ण जयंती नगर की रहने वाली गनिका के पिता गौरीशंकर गुप्ता और मां गीता चौधरी बताते हैं कि बेटी की घुंघरुओं से दोस्ती महज सात साल की उम्र में हो गई थी। कत्थक सीखते-सीखते वह बड़े मंचों तक पहुंचीं और धीरे-धीरे उनका रुझान फ्यूजन डांस की ओर बढ़ा। मेंटोर राहुल आर्य ने उनमें छिपा साहस देखा और फायर डांस की ट्रेनिंग दी। घर पर ही रिकॉर्ड किया गया परफॉर्म 28 अक्टूबर को गनिका ने अपने घर पर ही फायर डांस का रिकॉर्ड एक्ट परफॉर्म किया। करीब एक महीने की वेरिफिकेशन के बाद 26 नवंबर को इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी कर दिया। खास बात यह है कि गनिका इस तरह का रिकॉर्ड करने वाली गिनी-चुनी भारतीय कलाकारों में शामिल हो गई हैं। पहले भी राष्ट्रीय मंचों पर बनाई है पहचान गनिका की यह उपलब्धि कोई पहली नहीं। इससे पहले भी उनकी घुंघरुओं की खनक राष्ट्रीय मंचों तक गूंज चुकी है। डांस इंडिया डांस, डांसिंग सुपर हीरोज, डांस दीवाने जैसे बड़े टीवी शो में उनका चयन हो चुका है। 2019 में उन्होंने टॉप-20 तक जगह बनाई थी। कोरोना काल में घर पर ही प्रैक्टिस करती रहीं और इसके बाद दिल्ली में 2022 में हुए आयोजन में तीसरे राउंड तक पहुंचीं। चार साल का कोर्स महीनों में किया पूरा तकनीकी तौर पर भी गनिका ने कमाल किया है। प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज से उन्होंने सिर्फ 11 साल की उम्र में सीनियर डिप्लोमा तक की पढ़ाई पूरी कर ली। आमतौर पर जो कोर्स चार साल में पूरा होता है, उसे गनिका ने महीनों में खत्म कर सबको चौंका दिया। बॉलीवुड सिंगर आर्यांश के आएंगी नजर देश भर के मंचों दिल्ली, मुंबई, भोपाल, आगरा, देहरादून, लखनऊ, बरेली और हरियाणा में उनके प्रदर्शन दर्शकों की तालियां बटोर चुके हैं। जल्द ही वह एक म्यूजिक एल्बम में बॉलीवुड सिंगर आर्यांश के साथ लीड एक्ट्रेस के रूप में नजर आएंगी। चर्चाओं में रही चार फीट की गनिका को 7 फीट ऊंची ट्रॉफी चार फीट की गनिका को 2021 में अलीगढ़ के एक डांस कॉम्पिटीशन में सात फीट ऊंची ट्रॉफी से सम्मानित किया गया था। आज वही नन्ही कलाकार आग की लपटों के बीच नाचते हुए देश का नाम रोशन कर रही है। जोखिम भरा है फायर विद कत्थक गनिका की मां गीता चौधरी का कहना है कि आग के बीच में कत्थक करना आसान नहीं था। इसके लिए सात लोग मौजूद रहते हैं। आग से कोई नुकसान न हो इसके लिए चिकित्सक के साथ ही अग्निशमन उपकरण लेकर एक विशेषज्ञ रहता है। वहीं पांच अन्य लोग नजर बनाए रहते हैं।
https://ift.tt/I9A8TZr
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply