सिद्धार्थनगर में शनिवार को आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हुआ। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर संतोष वर्मा का पुतला दहन किया और प्रतीकात्मक जूतोपचार किया। यह विरोध प्रदर्शन ब्राह्मण समाज और उनकी बहू-बेटियों पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के संबंध में था। सिविल सिद्धार्थ बार के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने संतोष वर्मा की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि एक आईएएस अधिकारी से प्रशासनिक विवेक की उम्मीद की जाती है, लेकिन वर्मा ने अपनी जातिगत मानसिकता का प्रदर्शन किया है। सिंह ने अधिवक्ता समाज से अपील की कि वे संतोष वर्मा के खिलाफ देश के हर जिले में मुकदमा दर्ज कराएं। उन्होंने वकीलों को चेतावनी दी कि कोई भी संतोष वर्मा का बचाव न करे। उन्होंने भारत सरकार से संतोष वर्मा को तत्काल बर्खास्त करने और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। विश्व हिंदू महासंघ के महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष कृपा शंकर त्रिपाठी ने इस टिप्पणी को सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संतोष वर्मा ने अपनी छवि चमकाने के लिए ऐसी टिप्पणी की है। त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संतोष वर्मा को तत्काल कार्यमुक्त कर जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सख्त दंड मिलना चाहिए ताकि समाज में फैल रही जातिगत नफरत पर अंकुश लग सके। उन्होंने हिंदू समाज से संतोष वर्मा का जूतों की माला से स्वागत करने का आह्वान भी किया।
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