मंडला में आयुषी ज्वेलर्स से 2 करोड़ से ज्यादा की लूट के मामले में बिहार से मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी हुई है। गुरुवार देर रात मध्यप्रदेश पुलिस ने मुजफ्फरपुर पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी कर सदर, बरूराज और पारू थाना क्षेत्र से मास्टरमाइंड सहित तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बरूराज थाना क्षेत्र रामपुरवा अखाड़ा निवासी मास्टरमाइंड मो. खालिद, सदर थाना क्षेत्र के अतरदह वार्ड 31 का शशि कुमार और पारू थाना के ग्यासपुर का कृष्णा कुमार सिंह है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल खालिद की कार भी जब्त की। शुक्रवार काे कोतवाली मंडला थाने के एसआई शफीक खान ने तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। पुलिस ने तीनों के मोबाइल भी जब्त किए हैं। लूटे गए सोना-चांदी के जेवर की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पहले 3 तस्वीरों में देखिए कैसे बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया था…. सीसीटीवी फुटेज से मिला बदमाशों का सुराग
घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की दो कारों को चिह्नित किया। मोबाइल टावर डंप करने के साथ अपराधियों के भागने की दिशा में कई टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें दोनों कार चिह्नित हुई। कारों मालिकों का पता लगाया गया, जिससे पुलिस सीधे मास्टरमाइंड खालिद तक पहुंची। उसकी गिरफ्तारी के बाद शशि और कृष्णा के बारे में पुलिस काे जानकारी मिली। 55 वर्षीय खालिद ने ही पूरी साजिश रची थी। उसने न केवल बिहार बल्कि मध्यप्रदेश के कई अपराधियों को शामिल किया था। पूछताछ में उसने कई साथियों के नाम और पते बताए, जिन पर गठित पांच विशेष टीम लगातार दबिश बनाए हुए है। SDPO पश्चिमी 1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस ने छापेमारी में तीन को गिरफ्तार किया है। जेवरात बरामद नहीं किए गए हैं। मास्टरमाइंड खालिद का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है। मजदूर ने बताया- दुकान में दो-ढाई किलो सोना है
गिरफ्तार तीनों अपराधियों से मध्यप्रदेश पुलिस ने पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है। कृष्णा कुमार सिंह ने बताया कि वह ग्यासपुर (पारू) का रहने वाला और मजदूरी करता है। उसकी मुलाकात खालिद से हुई, जिसने उसे बताया कि मंडला में एक ज्वेलर्स दुकान में दो से ढाई किलो सोना रहता है, जिसे लूटना है। बड़ा काम है लाइफ सेट हो जाएगी। दुकान मालिक आयुष ने विरोध किया तो गोली चलाई
17 नवंबर को खालिद अपनी कार से शशि और कृष्णा के साथ कटनी होते हुए जबलपुर और इंदौर की ओर गया और फिर मंडला पहुंचा। वहां पर स्थानीय शातिरों पंकज ठाकुर, लवकुश, शनि, अजहर आदि से संपर्क हुआ। कृष्णा ने स्वीकार किया कि वारदात के दौरान जब आयुष ने विरोध किया, तो गोली उसने चलाई थी। 20 नवंबर को हुई थी वारदात, विरोध पर व्यवसायी को मारी थी गोली। घटना 20 नवंबर की शाम करीब 7.15 से 7.30 बजे के बीच की है। स्टाफ के सिर पर पिस्टल रखकर कहा- बैग छोड़ दो
कटरा मंडला स्थित हनुमान मंदिर के सामने आयुषी ज्वेलर्स में अक्षांश सोनी और उनके भाई आयुष सोनी व्यवसाय करते हैं। दुकान में बॉबी यादव कर्मचारी के रूप में काम करता है। रोज की तरह दुकान बंद करने के लिए सोना-चांदी के आभूषण दो बैग में रखकर बॉबी दुकान के सामने खड़ी कार में रखने जा रहा था। उसी समय मंडला की ओर से एक कार तेजी से आकर रुकी। कार से तीन हथियारबंद अपराधी उतरे, जबकि चालक कार में ही बैठा रहा। अपराधियों में से एक ने बॉबी के सिर पर पिस्टल सटाकर बैग वहां रखने के लिए कहा। डर से बॉबी ने बैग छोड़ दिया। इसके बाद एक अपराधी दुकान में घुसा और आयुष से दुकान में रखा पूरा सोना-चांदी निकालने के लिए कहा। वह सोने-चांदी के आभूषण काे लूटने लगा, जिसका आयुष ने विरोध किया। इस पर अपराधी ने पिस्टल से उसके बाएं पैर के घुटने के नीचे गोली मार दी। आयुष खून से लथपथ होकर गिर गया। इसके बाद अपराधी बैग उठाकर कार फरार हो गए। घायल आयुष को बॉबी और अक्षांश का जिला अस्पताल में इलाज हुआ।
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