मुजफ्फरपुर में निजी अस्पताल के दलालों की मनमानी के कारण सड़क हादसे में घायल मरीज की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि दलालों ने मरीज के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया और उसे जबरन SKMCH के इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकालने का प्रयास किया। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अम्मा निवासी सूरज को उसके भाई दिग्विजय कुमार गुरुवार देर रात करीब ढाई बजे एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने की सलाह दी थी। इस दौरान तीन-चार लोग आए और घायल को इमरजेंसी वार्ड से बाहर ले जाने लगे। परिजनों से कहा कि जिस डॉक्टर ने भर्ती करने को कहा था, उन्होंने ही फोरलेन के पास एक अस्पताल में ले जाने को कहा है। एंबुलेंस आ रही है। विरोध करने पर धक्का दे दिया दिग्विजय कुमार ने बताया कि विरोध करने पर दलालों ने गाली-गलौज की और उन्हें धक्का दे दिया। रजिस्ट्रेशन पर्ची भी छीनकर फाड़ दी। धक्का लगने से वे फर्श पर गिरने से बाल-बाल बचे और डरकर एक कमरे में छिप गए। बाद में ट्रॉली कर्मी ने मरीज को अंदर रखा, इस बीच सूरज की मौत हो गई। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी वहीं, इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डा. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि मरीज के परिजन या इमरजेंसी के गार्ड, किसी ने उन्हें ऐसी सूचना नही दी है। कंट्रोल रूम के हेल्थ मैनेजर ने भी नहीं बताया है। अपने स्तर से मामले को जांच करएंगे। दोषियों के खिलाफ अस्पताल प्रशासन कार्रवाई करेगी ।
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