अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड के मंजनाई गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरों पर नेम प्लेट लगा रहे एक कर्मी की ग्रामीणों का विवाद हो गया । यह घटना 50 रुपए प्रति नेम प्लेट शुल्क को लेकर हुआ है। रतन कुमार केसरी नामक यह कर्मी कई दिनों से मकानों पर स्वच्छ भारत मिशन का लोगो, महात्मा गांधी की प्रतिमा और मकान नंबर अंकित नेम प्लेट लगा रहे थे। इन नेम प्लेटों के लिए वे प्रति नेम प्लेट 50 रुपए का शुल्क वसूल रहे थे। यह कार्य अपर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार किया जा रहा था। जिला कार्यालय के पत्रांक संख्या 2678, दिनांक 22 अगस्त 2025 के अनुसार, पुराने नंबर प्लेटों को निरस्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के मकानों पर क्रमवार नए नंबर प्लेट लगाए जा रहे हैं। प्रति नेम प्लेट की कीमत 50 रुपए निर्धारित है, जिसका भुगतान भवन मालिक को स्वयं कर रसीद प्राप्त करनी होती है। इन नेम प्लेटों को मतदाता सूची, पहचान पत्र और आधार कार्ड के अनुसार लगाया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, मकान नंबर प्लेट लगने से वोटर लिस्ट, पहचान पत्र, वार्ड सुधार, आयुष्मान योजना, राशन कार्ड सत्यापन, जॉब कार्ड, नए राशन कार्ड बनाने, श्रम विभाग में पंजीकरण और जल जीवन मिशन जैसी शासकीय एवं गैर-शासकीय कार्यों में सुविधा होती है। ग्रामीणों के विरोध का मुख्य कारण देवी प्रसाद गुप्ता उर्फ घप्पू द्वारा फैलाई गई अफवाह थी। उन्होंने इन नेम प्लेटों को फर्जी बताते हुए गांव में आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ग्रामीणों ने रतन कुमार केसरी की पिटाई कर दी। मिल्कीपुर के बीडीओ हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि रतन कुमार केसरी को अपर जिलाधिकारी द्वारा गांव में घर-घर नेम प्लेट लगाने की आधिकारिक अनुमति दी गई थी। एडीएम के पत्र में स्पष्ट उल्लेख था कि यह कार्य प्रधान और बीडीसी के सहयोग से स्वेच्छा के आधार पर किया जाएगा। बीडीओ ने यह भी बताया कि फिलहाल नेम प्लेट लगाने का कार्य रोक दिया गया है। जो लोग स्वेच्छा से दे रहे थे उन्हीं से शुल्क लिया जा रहा था।इस प्रकरण के बारे में एसडीएम सुधीर कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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