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झांसी में शादी 13 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत:फोन पर पिता से रोते हुए बोली-“पापा ससुराल वालों ने बहुत मारा है”, तीन घंटे बाद मिली मौत की खबर

झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर पहले उसकी हत्या की और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका करिश्मा (26) मध्य प्रदेश के ओरछा के छारद्वारी दरवाजा मोहल्ले की रहने वाली थी। उसकी शादी 2 दिसंबर 2024 को झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के गुमनावरा निवासी रामजी यादव से हुई थी। करिश्मा समाजशास्त्र में एमए पास थी, जबकि उसका पति सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता है। शादी के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न
मृतका के पिता लक्ष्मीनारायण यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में करीब 10 लाख रुपए नकद दिए थे। शादी के शुरुआती छह महीने सबकुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त 10 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर करिश्मा के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाने लगा।
मौत से तीन घंटे पहले किया था फोन
परिजनों के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 4 बजे करिश्मा ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि पति और ससुराल के लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और मायके से 10 लाख रुपये मंगाने का दबाव बना रहे हैं। पिता ने उसे समझाकर ससुराल में ही रहने की बात कही। इसके बाद करिश्मा से दोबारा बात नहीं हो सकी। शाम 7 बजे मिली मौत की खबर
करीब तीन घंटे बाद शाम 7 बजे गुमनावरा में रहने वाले एक रिश्तेदार ने फोन कर करिश्मा की मौत की सूचना दी। जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, तो करिश्मा का शव घर में मिला। परिजनों का कहना है कि शव फंदे पर लटका नहीं था, बल्कि नीचे पड़ा था।
“फांसी लगाना संभव नहीं था”
मृतका के पिता और भाई का दावा है कि जिस कमरे में फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वहां पंखा काफी ऊंचाई पर है, जिससे करिश्मा का खुद फंदा लगाना संभव नहीं था। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने हत्या कर शव को फांसी का रूप देने की कोशिश की।
पति और ससुराल वाले फरार
मृतक करिश्मा के परिजनों के अनुसार, घटना के बाद ससुराल के सभी लोग घर छोड़कर फरार हो गए। वह जब बेटी का शव लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने दामाद को फोन मिलाया लेकिन उसका फोन बंद है। इससे उनकी शंका और गहरा गई है। पिता बोले-मुझे पता होता तो अपने पास ही रख लेता लक्ष्मीनारायण यादव प्राइवेट काम करते हैं। करिश्मा उनकी एक लौती बेटी थी। जबकि करिश्मा का भाई पुष्पेंद्र भी एक लौता है। बेटी की मौत से टूट चुके पिता ने रोते हुए कहा कि मेरी बेटी को मैंने दिन रात मेहनत कर के पढ़ाया था कि उसे ससुराल में सम्मान मिलेगा। लेकिन उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। बोले, अगर बेटी को नहीं रखना था तो मुझे कहते मैं अपनी बेटी को जीवनभर अपने पास रखता। पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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