अमेठी में जिलाधिकारी संजय चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के अंतर्गत निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और भरण-पोषण को लेकर एक बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निराश्रित घूम रहे गोवंशों को स्थानीय गौशालाओं में संरक्षित कराने के लिए एक अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गौशालाओं में गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा, भूसा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल, छांव और साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों को बीमार गोवंशों की नियमित देखभाल और उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गोवंश की मृत्यु होने पर उसका सुव्यवस्थित तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और मृत गोवंश को खुले में न छोड़ा जाए। बैठक में 50 से कम गोवंश वाले गौशालाओं में और अधिक गोवंशों को संरक्षित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया की मुख्यमंत्री और शासन स्तर से निराश्रित गोवंशों के संरक्षण व भरण-पोषण की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए समय से बुवाई करने को भी कहा। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीके शुक्ला, डीसी मनरेगा शेर बहादुर, डीसी एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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