यूपी के बहराइच में एक बार फिर से भेड़ियों का आतंक बढ़ गया है। शुक्रवार शाम घर के बाहर खेल रहे 5 साल के मासूम को भेड़ियों ने मार डाला। बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी दो भेड़ियों ने हमला कर दिया।
जबड़े में भरकर खींच ले गए। पड़ोसियों ने भेड़ियों को बच्चे को उठाकर ले जाते अपनी आंखों से देखा। शोर सुनकर गांव के दो दर्जन लोग लाठी डंडे लेकर भेड़ियों के पीछे दौड़े। करीब आधे घंटे की खोजबीन के बाद घर से 500 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में मासूम लहूलुहान हालत में मिला। भेड़िए उसके दोनों हाथ की हथेलियां खा चुके थे। बायें पैर का पंजा भी बुरी तरह नोंचा हुआ था। तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। देर रात लखनऊ रेफर किया गया। बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया ग्रामीणों ने बताया- पिछले महज 10 दिन में दो मासूमों पर भेड़िए हमला कर चुके हैं। 10 दिन पहले 4 किलोमीटर दूर एक साल की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया था। बच्ची का आज तक कुछ पता नहीं चल सका। दो महीने में करीब 5 बच्चों पर हमले हो चुके हैं। तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला पढ़िए…
घटना जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर कैसरगंज थाना क्षेत्र के गोडहिया नंबर 3 के मजरे मल्लहन पुरवा की है। शुक्रवार शाम 4:30 बजे रोशन कुमार का 5 साल का बेटा स्टार घर के ठीक सामने खेल रहा था। परिवार की महिलाएं और पड़ोसी भी वहीं मौजूद थे। तभी अचानक खेत की तरफ से आए दो भेड़ियों ने बच्चे पर हमला कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक भेड़िया बच्चे को जबड़े में दबोचकर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। परिजनों और ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर भेड़ियों का पीछा किया। ग्रामीण राजेंद्र सिंह, जिसने अपनी आंखों से पूरी घटना देखी, बताते हैं- दो भेड़िए आए थे। बच्चा घर के सामने ही खेल रहा था। हम लोग दौड़े, लेकिन तब तक भेड़िया उसे 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में खींच ले गया। वहां पहुंचकर देखा—उसकी दोनों हथेलियां गायब थीं।गन्ने के खेत में घेराबंदी कर ग्रामीणों ने बच्चे को किसी तरह भेड़िए से छुड़ाया। बच्चा बेहोश हालत में खून से लथपथ मिला। 5 घंटे तक जिंदगी के लिए लड़ा स्टार घटना के बाद परिजन तुरंत उसे कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति नाजुक बताते हुए देर रात करीब 10 बजे उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय बीच रास्ते में रात करीब 11:30 बजे स्टार ने दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी बोले- दो भेड़िए एक साथ नोंच रहे थे बच्चे के पिता रौशन के दोस्त और पड़ोसी राजेंद्र ने बताया- मेरी आंखों के सामने दो भेड़ियों ने बच्चे पर हमला किया था। एक ने उसकी गर्दन पकड़ी थी और दूसरे ने हथेली। मैंने शोर मचाया तो दोनों बच्चे को लेकर खेत की ओर भागे। मैं और बाकी लोग भी लाठी-डंडे लेकर पीछे भागे। हमने शोर मचाकर भेड़ियों को हांका तो गन्ने के खेत में बच्चे को छोड़कर दोनों भेड़िए भाग गए। वन विभाग की टीम मौके पर, ड्रोन से निगरानी—DFO का बयान
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) राम सिंह यादव ने बताया- जंगली जानवर के हमले की सूचना मिलते ही टीम भेज दी गई है। आसपास के जंगलों और खेतों की ड्रोन से निगरानी कराई जा रही है। तीन पिंजरे लगाए गए हैं और कॉम्बिंग तेज की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और छोटे बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने की अपील की है। खेती-बाड़ी करते हैं पिता
बाबा विजय कुमार ने बताया कि देर रात लखनऊ के जाते समय फखरपुर के पास हमारे पोते स्टार की मौत हो गई । मृतक मासूम के पिता रोशन कुमार मजदूरी करते है। उनके एक बेटी व दो बेटे थे। जिसमें से मृतक स्टार दूसरे नंबर पर था। उससे बड़ी एक बेटी है। ओर अभी कुछ दिन पहले एक बेटा हुआ है। स्टार की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां बार-बार बेहोश हो जा रही है। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। 10 महीने में दूरी वारदात, दो महीने में 5 हमले
इलाके में पहले भी भेड़ियों का हमला हो चुका है। 10 दिन पहले 4 किलोमीटर दूर गोडहिया नंबर 2 में 4 साल की बच्ची को उठा ले गया था। हालांकि अगले दिन ही वन विभाग ने भेड़िए का एनकाउंटर कर दिया। पर बच्ची का आज तक पता नहीं चल सका। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 2 महीने से लगातार भेड़ियों के हमले हो रहे हैं। 2 महीने में करीब 5 बच्चे शिकार बन चुके हैं। लोग अब बच्चों को घर से बाहर भेजने में डर रहे हैं। ग्रामीण देर शाम होते ही लाठी-डंडे लेकर पहरा दे रहे हैं।
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