प्रयागराज में माघ मेला के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया 2 दिसंबर से शुरू हो रही है। सबसे पहले दंडी बाड़ा को 2, 3, और 4 दिसंबर को भूमि आवंटित की जाएगी। इसके बाद आचार्य बाड़ा को 5 और 6 दिसंबर तथा खाक चौक को 7, 8, और 9 दिसंबर को भूमि दी जाएगी। मेला क्षेत्र में अभी भी पानी भरा होने और दलदल की स्थिति होने के कारण तैयारियां चुनौतीपूर्ण हैं। मेला प्रशासन ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुविधा पर्ची के लिए पहचान सहित आधार कार्ड जरूरी होगा और जो संस्थाएं पहले सुविधाएं वापस नहीं करेंगी, उन्हें भूमि आवंटित नहीं होगी। भूमि आवंटन के दो दिन बाद सुविधा पर्ची जारी की जाएगी। माघ मेला 2026 के लिए प्रशासन ने सख्त नियम बनाए हैं जिससे निष्क्रिय संस्थाओं को जमीन और सुविधाएं नहीं मिलेंगी ताकि केवल सक्रिय संस्थाएं ही मेले में शामिल हो सकें। इस बार माघ मेले के क्षेत्रफल को बढ़ाकर लगभग 800-900 हेक्टेयर किया गया है, जिसमें करीब 4900 संस्थाएं भूमि पाएंगी। विभिन्न सेक्टरों में मेला क्षेत्र का विस्तार हुआ है और कई व्यवस्थाएं जैसे पांटून पुल, वेलनेस सेंटर, पार्किंग आदि भी बनाई जा रही हैं। मेला प्रशासन ने जमीन का समतलीकरण और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दिसंबर के अंत तक पूरी तैयारी हो सके। भूमि आवंटन और मेला की तैयारियों को लेकर मेला अधिकारियों ने कहा है कि माघ मेला के लिए इस बार खर्च भी पिछले वर्षों की तुलना में दोगुना हो सकता है और दलदली जमीन के कारण अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ी है। मेला प्रशासन तीव्रता से भूमि मैपिंग और सेक्टर निर्धारण का कार्य कर रहा है ताकि संस्थाओं को उचित भूमि और सुविधाएं समय पर दी जा सकें। मेला प्राधिकरण ने सक्रिय संस्थाओं को प्राथमिकता दी है और सभी विभागों को कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि मेले का सफल आयोजन हो सके।
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