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जनता तय करेगी मेरे काम के नंबर:विधायक रमेश सिंह बोले- 3500 करोड़ के बाईपास से बदलेगी तस्वीर, शाहगंज को जिला बनवाने का प्रयास

जौनपुर की शाहगंज विधानसभा से निषादराज पार्टी के विधायक रमेश सिंह ने अपने चार साल के कामकाज, क्षेत्र के विकास और 2027 के चुनाव को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि शाहगंज में सड़कों, बाईपास, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई बड़े काम हुए हैं और आने वाले समय में यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ेगा। दैनिक भास्कर रिपोर्टर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: पिछले चार साल के अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: नंबर देने का अधिकार मुझे नहीं है। यह शाहगंज की जनता तय करेगी। पिछले चार वर्षों में सरकार के माध्यम से जो काम हुए हैं, उनका मूल्यांकन जनता ही करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि जनता मुझे अच्छे नंबरों से पास करेगी। 2022 में जो जनादेश मिला था, उसका सम्मान करते हुए हमने लगातार काम किया है और आज शाहगंज एक आदर्श विधानसभा बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सवाल: आपके कार्यकाल का सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: अगर लागत के हिसाब से देखें तो शाहगंज बाईपास सबसे बड़ा काम है। पिछले 42 वर्षों से इसकी मांग चल रही थी और मेरे कार्यकाल में करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से बाईपास का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 95 प्रतिशत किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा भी दिया जा चुका है। इसके अलावा शाहगंज रेलवे स्टेशन को अमृत योजना में शामिल कर उसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। बस डिपो का विकास हो रहा है और गैरवा गांव में बायोगैस प्लांट की फैक्ट्री लग रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। शाहगंज में सड़कों का नेटवर्क मजबूत हुआ है। दो कस्तूरबा आवासीय विद्यालय भी संचालित हो रहे हैं, जहां गरीब परिवारों की बेटियां मुफ्त शिक्षा, रहने और खाने की सुविधा के साथ पढ़ाई कर रही हैं। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी नहीं हो पाया? जवाब: 2022 में शाहगंज की जनता ने मुझे एक बड़ा संकल्प दिया था। शाहगंज को जिला बनवाने का। यह विधानसभा जौनपुर के अंतिम छोर पर होने के कारण लंबे समय से उपेक्षित रही है। शाहगंज की खासियत यह है कि यहां जिले का इकलौता रेलवे रैक प्वाइंट है और पूरे पूर्वांचल की बड़ी गल्ला मंडियों में से एक यहां स्थित है। यह क्षेत्र आजमगढ़, अंबेडकरनगर और सुल्तानपुर की सीमाओं से भी जुड़ा है। मैंने विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि शाहगंज को जिला घोषित किया जाए। अगर ऐसा हो जाता है तो यहां विकास की रफ्तार और तेज हो जाएगी और युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली-मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। सवाल: क्या 2027 में आप फिर टिकट के दावेदार हैं? जवाब: टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व करता है। पार्टी यह देखती है कि विधायक ने पांच साल में कितना विकास किया और जनता की क्या राय है। हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं, अगर पार्टी कहेगी चुनाव लड़ो तो लड़ेंगे, अगर प्रचार करने को कहेगी तो प्रचार करेंगे। सवाल: क्या इस बार टिकट मिलने की उम्मीद है? जवाब: मैं निषादराज पार्टी का विधानमंडल दल का नेता हूं। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने मुझ पर भरोसा जताया है। उनका स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा मिलता है और पार्टी जो निर्देश देगी, उसका पालन करूंगा। सवाल: यूजीसी जैसे मुद्दों से क्या समाज में जातीय विभाजन बढ़ेगा? जवाब: विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और हर समाज व वर्ग को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। सवाल: एसआईआर को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसका चुनाव पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: एसआईआर की प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हुई है। हर 20 साल में मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता है। शाहगंज में करीब 14–15 हजार ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। कई लोग वर्षों से बाहर रह रहे थे और कुछ के नाम दो–तीन जगहों पर दर्ज थे। इस प्रक्रिया से फर्जी नाम हटाए गए हैं और मतदाता सूची को शुद्ध किया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग बधाई का पात्र है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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