संभल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सचिव पर जीवित ग्रामीण को मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद करने का आरोप लगा है। 4 साल पहले समाज कल्याण विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में ग्रामीण को मृत घोषित किया गया था। अब बुजुर्ग नत्थूलाल प्रजापति “मैं नत्थूलाल प्रजापति जिंदा हूं” की तख्ती लेकर जिलाधिकारी से मिले हैं, जिसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। उक्त पूरा मामला संभल जनपद की चंदौसी तहसील के बनियाखेड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत फरीदपुर खास के मजरा राम रायपुर गमटिया का है। गांव के निवासी नत्थूलाल प्रजापति पुत्र स्व. लालमन ने जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव संजय यादव ने उन्हें जीवित रहते हुए भी मृत दर्शाया और तत्कालीन प्रभारी एडीओ समाज कल्याण के साथ मिलकर 18 अप्रैल 2022 को उनकी पेंशन बंद करने की रिपोर्ट भेजी थी। बुजुर्ग नत्थूलाल ने डीएम को बताया कि वह अत्यंत निर्धन हैं। उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है और उनका एक मानसिक रूप से कमजोर बेटा है। उनका भरण-पोषण सरकार से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन पर ही निर्भर था। नत्थूलाल प्रजापति ने आरोप लगाया कि सचिव संजय यादव ने उन्हें डरा-धमकाकर कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाया। उन्होंने यह भी बताया कि सचिव उन्हें बहजोई ले गया था, जहाँ उन्हें धमकाया गया। पीड़ित ने डीएम को दी शिकायत में यह भी बताया कि संजय यादव पर गौशाला में भूसे के नाम पर 3,39,949 रुपये के गबन का आरोप है, जिसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट वर्ष 2024 में बनियाठेर थाने में दर्ज कराई गई थी। उन्होंने संजय यादव को दबंग और बदमाश किस्म का व्यक्ति बताया, जो खुद को समाजवादी नेता कहता है। बुजुर्ग नत्थूलाल प्रजापति ने जिलाधिकारी से अपनी पेंशन बहाल करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिव संजय यादव ने उन्हें मृत दर्शाकर उनकी पेंशन बंद कराई है।

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