आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गौतम जैसवार को कोर्ट से राहत नहीं मिली। उनकी जमानत याचिका फिर खारिज हो गई। प्रोफेसर पर एक शोध छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा का कहना था कि प्रोफेसर ने शादी का झांसा दिया। दो साल तक उसका शोषण किया। विरोध करने पर मारपीट भी की। उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। छात्रा ने पुलिस से शिकायत की। मेडिकल परीक्षण के दौरान डॉक्टर पर गलत टिप्पणी करने का भी आरोप लगा। पुलिस ने प्रोफेसर को वाराणसी से गिरफ्तार किया था। वह 31 अक्टूबर से जेल में हैं। जमानत के लिए उनकी ओर से कोर्ट में कई तर्क दिए गए। तीन बार सुनवाई हो चुकी है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि सबूत गंभीर हैं। जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत ने डीजीसी के तर्कों को भी सही माना। इसी वजह से प्रोफेसर को राहत नहीं मिली। मामला अब आगे की सुनवाई में ही स्पष्ट होगा। दरअसल, रसायन विज्ञान विभाग की एक शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। छात्रा का आरोप था कि प्रो. गौतम ने दो वर्षों तक शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। उसने यह भी बताया कि विरोध करने पर प्रोफेसर ने मारपीट की और उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया। मेडिकल परीक्षण के दौरान छात्रा ने डॉक्टर द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी और दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। छात्रा का कहना है कि वह लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होती गई। उसने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर उसने परिवार को जानकारी दी और फिर मामला पुलिस तक पहुंचा। वाराणसी से गिरफ्तारी, तीन बार सुनवाई शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने प्रोफेसर को वाराणसी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वह 31 अक्टूबर से जिला कारागार में निरुद्ध हैं। उनकी ओर से अधिवक्ता सुरेश चंद्र सोनी ने जमानत अर्जी दायर की थी, जिस पर अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है। हर बार अदालत ने तर्कों को अस्वीकार करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। डीजीसी राधाकृष्ण गुप्ता ने कहा कि मामले के साक्ष्य गंभीर हैं और इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका खारिज की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अब पढ़िए सिलसिलेवार पढ़िए पूरी कहानी प्रोफेसर कहते Phd कर लो, फिर शादी करूंगा 2 साल मेरा ब्रेनवॉश किया गया। खुद को दुखियारा दिखाते रहे। कहते कि एक दिन में वाइस चांसलर बन जाऊंगा, तुम्हें जॉब पर रख लूंगा। हम साथ रहेंगे। मेरी तो जबरदस्ती शादी कर दी गई। मेरी बीवी मुझे समझती नहीं। आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी की PHD रिसर्च स्कॉलर ने दैनिक भास्कर ऑफिस पहुंचकर ये बातें कही। उनका कहना है कि कोई आपसे लगातार ऐसी बातें कहेगा, तो कब तक यकीन नहीं करेंगे। मैंने भी किया, इमोशनली अटैच हो गई। अब मेरी जिंदगी को ऐसी ठोकर लगी है कि भटकने को मजबूर हो गई हूं। प्रोफेसर अक्सर मुझे अकेला पाकर कहते- तुम मेरी सब कुछ हो। तुमसे बहुत प्यार करता हूं, शादी करूंगा। तुम बहुत सुंदर हो, मुझे बहुत अच्छी लगती हो। फिर 25 अक्टूबर को उनका बर्ताव अचानक बदल गया। मुझे ऐसे थप्पड़ मारे कि होठ फट गया, खून बहने लगा। अब पुलिस उस प्रोफेसर गौतम जैसवार को सामने लाए। मुझे इंसाफ दिलाए। प्रोफेसर और रिसर्च स्कॉलर की कहानी कहां से शुरू हुई। फिर कैसे धोखा सामने आया, ये रिसर्च स्कॉलर से हमने डिटेल में जाना। पढ़िए पूरी कहानी… 2022 : डिपार्टमेंट में पहली मुलाकात क्लास में अकेला देखकर तारीफ करते
इस कहानी की शुरुआत 2022 से होती है। छात्रा कहती है- मैं एग्रीकल्चर की फील्ड में प्लांट डिजीज पर काम कर रही थी। इसी फील्ड में आगे जाना चाहती थी। यही मेरी पीएचडी का टॉपिक भी है। डीम्ड यूनिवर्सिटी से एमएससी करने के बाद पीएचडी के लिए अप्लाई किया। मेरे मुख्य गाइड प्रो. संजय कटारिया थे, लेकिन वो मथुरा के रहने वाले हैं, इसलिए को-गाइड के रूप में प्रो. गौतम जैसवार का नाम सबने सजेस्ट किया था। 6 महीने का कोर्स वर्क होता है। मैं एक कॉलेज में पढ़ाती भी थी। वहां से हर रोज कोर्स वर्क में जाती थी। कोर्स वर्क में मैंने टॉप किया। कोर्स वर्क के दौरान प्रो. गौतम जैसवार का रवैया एक टीचर का ही रहा। पूरी क्लास में जैसे सबसे बात होती है, वैसे ही मुझसे भी बात होती थी। लेकिन मेरे कोर्स वर्क में टॉप करने के बाद उनके बात करने का तरीका बदल गया। बहन की मौत के बाद मेरे इमोशनल होने का फायदा उठाया
अब वो क्लास में मुझे अकेला देखकर मेरी तारीफ करने लगे। मुझसे कहना शुरू किया कि मैं बहुत इंटेलिजेंट हूं। मैंने आज तक तुम्हारे जैसी इंटेलिजेंट लड़की नहीं देखी। लगभग तीन-चार महीने तक यही सिलसिला चला। उसी दौरान मेरी बड़ी बहन की बीमारी से मौत हुई। उस वक्त मैं इमोशनली बहुत कमजोर हो गई थी। उन्हें (प्रोफेसर) जानकारी मिली तो उन्होंने मुझे इमोशनल सपोर्ट देना शुरू किया। पढ़ाई के दौरान मुझे प्यार से समझाते थे। जब इनके साथ मैं कुछ डिस्कस करने अकेले जाती थी, तो कहते थे कि मैं बहुत सुंदर हूं। बहुत समझदार हूं। ऐसे ही करते-करते एक साल बीत गया। 2023 : अब प्रोफेसर बीवी की बुराई करते डिपार्टमेंट में अकेला पाकर प्रपोज किया
छात्रा कहती है, अब तक हमारा रिलेशन टीचर-स्टूडेंट का था। मगर थोड़ा सहज हो गया था, हम लोग एक दूसरे से खुलकर बात कर पा रहे थे। अब प्रो. गौतम मेरी तारीफ नहीं करते थे, बल्कि अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में ज्यादा बताने लगे। वो कहने लगे कि मेरी शादी जबरदस्ती हुई थी। मेरी बीवी से मेरा कोई वास्ता नहीं है। बस समाज के लिए उसके साथ रहता हूं। अब मैं पत्नी के साथ रहना नहीं चाहता हूं। साथ रहा, इसलिए दो बेटियां हो गई हैं। लेकिन मैं किसी से भी प्यार नहीं करता हूं। फिर एक दिन अचानक उन्होंने डिपार्टमेंट में मुझे अकेला पाया और हाथ पकड़कर बोले- मैं हर हाल में तुमसे शादी करूंगा। अपनी पत्नी को छोड़ दूंगा। मैं यह सुनकर चौक गई। उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ होगा। मगर कई महीने से उनकी शादीशुदा जिंदगी के दुखड़े सुनते-सुनते इमोशनल हो चुकी थी। इसलिए मना नहीं कर सकी। अब डिपार्टमेंट में हम पढ़ाई के बहाने ज्यादा समय बिताने लगे। कुछ बातें होती, कुछ कहानी वो मेरे सामने गढ़ते रहते। मैं सुनती रहती। 2024 : शादी के लिए बोलने पर पहले करियर बनाने के लिए कहते कहते- पहले Phd कर लो, फिर शादी करते हैं
फिर एक दिन उन्होंने मुझसे कहा- मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मेरी पत्नी हर रोज मुझसे झगड़ा करती है। चलो हम कहीं बाहर घूमने चलते हैं। तब पहली बार मैं इनके साथ खजुराहो गई थी। जहां हम 3 दिन रुके थे। इसके बाद इनके साथ मथुरा के होटल में भी गई थी। वहां एक रात ही रुके थे। उस वक्त वो मेरा बहुत ध्यान रखते थे। मेरी पसंद-नापसंद को ध्यान में रखते हुए ही बातें करते थे। कई बार फिजिकल इंटीमेसी के दौरान मैंने शादी के लिए पूछा तो कहते थे- पीएचडी हो जाए, फिर शादी करेंगे। वर्ना तुम्हारी पीएचडी में दिक्कत आएगी। छात्रा का कहना है कि प्रोफेसर अपने रिसर्च पेपर, अपने काम का रुआब दिखाते थे। जब भी मैं इनसे मिलने जाती थी, शादी के बारे में बात कहती थी तो कहते थे कि मैं वाइस चांसलर बन जाऊंगा। तब तुम्हें नौकरी दे दूंगा। हम साथ में रहेंगे। मैं इनकी बातों में आ जाती थी। 2025 : प्रोफेसर दूरी बनाने लगे मैंने पूछा- शादी कब करोगे, गुस्सा कर बोले- मैं क्यों करने लगा
रिसर्च स्कॉलर ने कहा- अगर कभी मैं नाराज हो जाती थी तो बार-बार मेरी तारीफ करते थे। हर बार विश्वास दिलाते थे कि वो मुझसे ही प्यार करते हैं, मुझसे ही शादी करेंगे। 2 साल में कभी यह नहीं लगा कि वो धोखा दे रहे हैं। मेरा इतना ज्यादा ब्रेनवॉश किया कि मैं इनकी बातों पर विश्वास करती थी। कभी नहीं सोचा कि इनके साथ मेरा भविष्य सुरक्षित है या नहीं। मगर जुलाई-अगस्त महीने के बाद धीरे-धीरे मुझसे दूरी बनाने लगे थे। छात्रा का कहना है- मैं 25 अक्टूबर को प्रोफेसर से मिलने संस्थान पहुंची थी। मुझे बात करनी थी कि वो शादी कब करेंगे? संस्थान दीपावली की छुटिट्यों के कारण बंद था। मैंने जाते ही उनसे सवाल किया था कि कब तक ऐसे चलेगा? शादी कब करोगे? इस पर प्रोफेसर ने कहा कि मैंने कब शादी का वादा किया है? तुम नीचता पर उतर आई हो। मैं तुमसे शादी नहीं करूंगा। छात्रा का कहना है कि इसी बात पर बहस हुई। विवाद बढ़ा तो प्रोफेसर ने कहा कि तुम मेरी बातों को रिकॉर्ड कर रही हो। प्रोफेसर ने मुझे धक्का दिया, मेरा मोबाइल छीन कर फेंक दिया। सारी चैट डिलीट कर दी। फोटो डिलीट कर दी। मुझे 3-4 चांटे मारे, मेरे होंठ से खून निकल आया। अचानक भाई लेने पहुंचा, प्रोफेसर बोले- बैठकर बात कर लेते हैं…
रिसर्च स्कॉलर के भाई का कहना है- मैं खंदारी परिसर के पास था, सोचा कि बहन को घर लेता चलूं। फोन किया तो फोन बंद था। बहन को देखने इंस्टीट्यूट के अंदर गया तो इसके चेहरे पर खून था और रो रही थी। तभी प्रोफेसर भागते हुए आए और बोले कि बैठकर बात करते हैं। भाई का कहना कि बहन को इस हालत में देख मैं गुस्से में था। मैंने तुरंत 112 को फोन किया। प्रोफेसर ने भी अपने परिवार में फोन किया, अपनी पत्नी को फोन कर कहा कि मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। तुम लोग आ जाओ। कुछ देर में पुलिस और प्रोफेसर की पत्नी मौके पर पहुंच गए। पत्नी अपने पति का पक्ष ले रही थी। कह रही थी कि किसी के लिए कितना भी अच्छा कर लो, लोग एहसान नहीं मानते। वो अपने पति को बचा रही थी कि उनकी सफलता से चिढ़कर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके बाद हमने थाने जाकर प्रोफेसर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण की तहरीर सौंपी। थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज किया गया। अब पुलिस प्रोफेसर की तलाश कर रही है। यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है। आंतरिक जांच कमेटी का गठन कर दिया है। छात्रा का मेडिकल हो चुका है। जिससे वो असंतुष्ट है। प्रोफेसर को मिला था बेस्ट टीचर का अवॉर्ड
इस साल अगस्त में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रो. गौतम जैसवार को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल से बेस्ट टीचर रिसर्च का अवॉर्ड मिला था। प्रो. गौतम रसायन विज्ञान विभाग में प्रोफेसर हैं। आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में एक कॉलोनी में पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं। नैनो साइंस पर कई पेपर पब्लिश हो चुके हैं। मुझे न्याय चाहिए, पैसे नहीं
छात्रा का कहना है कि परिवार पर रजामंदी का बहुत दबाव है। 15-20 लाख रुपए तक देने की पेशकश हो चुकी है। आगरा कॉलेज के दो टीचरों के अलावा खंदारी कैंपस के भी एक टीचर बीच में आ रहे हैं। यही नहीं, एक रिसर्च स्कॉलर लगातार फोन कर कह रहा है कि मुकदमा वापस ले लो। सर, शर्मिंदा हैं। उन्हें अपनी गलती का एहसास है। छात्रा का कहना है कि मुझे पैसे नहीं, न्याय चाहिए।
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